BCD Election 2026 बार काउंसिल ऑफ देहली के चुनावों पर तलवार लटक गई है। धांधली की एफआईआर लिखी जा चुकी है। दो नए एलिमिनेशन के बाद वकीलों ने हंगामा काटा और तोड़फोड़ की। भारी बवाल के बीच मतगणना रविवार तक रोक दी गयी है। इसी बीच आक्रोशित वकीलों ने पूरे चुनाव रद्द करने और रिपोलिंग कराने की मांग रखी है। चुनाव अधिकारी जस्टिस तलवंत सिंह ने हालात की गंभीरता को देखते हुए मतगणना रविवार तक स्थगित कर दी है।
दरअसल में मतगणना के दौरान १५ अप्रैल एक प्रत्याशी एलिमिनेट हुआ तो उसको मिले दूसरी वरीयता के वोट एक खास प्रत्याशी के खाते में जोड़े दिए गए। जैसे ही यह खबर फैली वैसे ही शुरू हो गया। विवाद सामने आने पर निर्वाचन कमेटी के चेयरमैन जस्टिस तलवंत सिहं ने अन्य सदस्यों के साथ मौका का निरीक्षण किया। मतगणना प्रक्रिया को परखा और पाया कि मतगणना कर रहे कर्मचारी जानबूझ कर दूसरी वरीयता के वोट एक विशेष प्रत्याशी के पक्ष में जोड़े गए हैं। जस्टिस तलवंत सिंह ने प्रथम दृष्टया दोषी दिख रहे कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने और अगले दिन सुबह तक मतगणना रोकने के आदेश जारी किए।
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गुरुवार १६ अप्रैल को सुबह मतणना फिर शुरू हुई। मतगणना शुरू होते ही दो और प्रत्याशियों का एलिमिनेशन हुआ। इन प्रत्याशियों ने भी हंगामा शुरू किया। बात बढ़ते-बढ़ते हल्ला-हंगामा और तोड़-फोड़ तक आ गई। निर्वाचन अधिकारी जस्टिस तलवंत फिर मतगणना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आक्रोशित अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन नतीजा निल बटा सन्नाटा रहा। कुछ अधिवक्ता कह रहे थे कि रिपोलिंग करवाई जाए। उनका आरोप था कि कुछ वोट तो फर्जी आईकार्ड दिखा कर डाले गए हैं, हालांकि फर्जी आईडी कार्ड का आरोप मतदान के दौरान किसी भी प्रत्याशी ने नहीं लगाया था। चुनाव कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस तलवंत सिंह ने बीसीडी के कुछ पूर्व अधिकारियों सीनियर अधिवक्ताओं ने विचार-विमर्श किया और मसलह का हल निकालने के लिए तीन दिन का समय लिया। अब अगर अधिवक्ताओं में सहमति बन जाती है तो मतगणना सोमवार को फिर शुरू होगी। सहमति नहीं बनी तो पुनर्मतगणना करवाई जा सकती है। ध्यान रहे अब तक हुई प्रथम वरीयता की गणना के बाद ८० प्रत्याशियों का एलिमिनेशन हो चुका है।
(समाचार के साथ प्रकाशित इमेज AI Generated है।)