Amritsar Police पंजाब में सीमा पार से होने वाली हथियारों की तस्करी और देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ Amritsar Police ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक अत्यंत प्रभावी और खुफिया इनपुट के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे अवैध हथियार तस्करी और हवाला सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
इस हाईप्रोफाइल और संवेदनशील कार्रवाई के दौरान Amritsar Police की विशेष टीमों ने एक अफगान नागरिक सहित कुल चार शातिर आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा है। पुलिस के आला अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से देश की आंतरिक सुरक्षा को निशाना बनाने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क की कमर टूट गई है।
पकड़े गए इन अंतरराष्ट्रीय तस्करों के कब्जे से Amritsar Police ने भारी मात्रा में अवैध और अत्याधुनिक असला बरामद किया है। पुलिस ने इनके पास से 8 अत्याधुनिक पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। इन हथियारों की फिनिशिंग और मारक क्षमता को देखकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं, क्योंकि इन हथियारों का इस्तेमाल पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
Taking stringent action against crime, Commissionerate Police Amritsar has busted a cross-border illegal arms smuggling and hawala network.
In this connection, four accused persons, namely Mangjit Singh, Shamsher Singh, Gurlal Singh, and Esmailkhel Tawhid, have been arrested.… pic.twitter.com/rKrDFG1emo
— Commissionerate Police Amritsar (@cpamritsar) June 8, 2026
पाकिस्तान कनेक्शन और ड्रोन डिलीवरी का बड़ा खुलासा
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले और बेहद गंभीर खुलासे किए हैं। Amritsar Police द्वारा की गई शुरुआती तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि बरामद किए गए इन अत्याधुनिक हथियारों में से कुछ के पाकिस्तान में बने होने की प्रबल आशंका है।
यह पूरी खेप सीमा पार बैठे आकाओं द्वारा आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए भारतीय सीमावर्ती इलाकों में बहुत ही सुनियोजित तरीके से गिराई गई थी। ड्रोन से डिलीवरी होने के बाद, इन हथियारों को पहले से तय किए गए गुप्त ठिकानों पर छुपा दिया जाता था। इसके बाद स्थानीय संपर्कों के जरिए इन्हें आगे पंजाब और देश के अन्य राज्यों के आपराधिक तत्वों तक भेजा जाना था।
Amritsar Police ने अपनी तफ्तीश में इस बात पर भी गहरी चिंता जताई है कि भारत-पाक सीमा के करीब रहने वाले कुछ स्थानीय युवा मामूली पैसों के लालच में आकर इस खतरनाक जाल में फंस रहे हैं। वे पाकिस्तानी तस्करों के दिशा-निर्देशों पर ड्रोन से गिरी खेप को उठाने और उसे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने जैसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
सूखे मेवे के बिजनेस की आड़ में चल रहा था हवाला का खेल
इस पूरे सिंडिकेट का सबसे हैरान करने वाला पहलू इसका वित्तीय नेटवर्क है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार किया गया अफगान नागरिक, जिसकी पहचान इस्माइल खेल के रूप में हुई है, वह पिछले काफी समय से महाराष्ट्र के पुणे शहर में ड्राई फ्रूट (सूखे मेवे) का बिजनेस कर रहा था।
Amritsar Police को अपनी तफ्तीश में यह गहरा शक है कि वह इस वैध ड्राई फ्रूट के बिजनेस की आड़ में वास्तव में एक बहुत बड़ा और अवैध हवाला नेटवर्क संचालित कर रहा था। हथियारों की इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी में करोड़ों रुपयों के लेन-देन को छिपाने के लिए इसी हवाला चैनल का इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि सुरक्षा और जांच एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।
अफगान नागरिक इस्माइल खेल से की गई कड़ाई से पूछताछ के दौरान Amritsar Police को भारत के कई अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में फैले उसके संदिग्ध संपर्कों और मददगारों के बारे में बेहद पुख्ता जानकारियां हाथ लगी हैं। इस बड़े इनपुट के आधार पर Amritsar Police ने बिना वक्त गंवाए देश के अन्य राज्यों में भी अपनी विशेष पुलिस टीमें रवाना कर दी हैं, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े सभी चेहरों को बेनकाब कर पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।
विदेश में बैठे मास्टरमाइंड के सीधे संपर्क में थे आरोपी
Amritsar Police द्वारा की गई अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी खुद फैसले नहीं लेते थे, बल्कि वे सीधे तौर पर विदेश में बैठे एक बड़े तस्कर और मास्टरमाइंड के इशारे पर काम कर रहे थे। वह विदेशी आका ही इंटरनेट कॉलिंग और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए भारत में बैठे इन तस्करों को गाइड करता था।
वह छिपे हुए ड्रॉप लोकेशनों और जीपीएस कोऑर्डिनेट्स के माध्यम से अवैध हथियारों की खेप की सटीक लोकेशन इन आरोपियों को भेजता था। इन स्थानीय तस्करों का काम केवल उस खेप को सुरक्षित रिसीव करना और फिर उसे पंजाब के स्थानीय गैंगस्टरों, शूटरों और अन्य अपराधियों तक सप्लाई करना था। इस पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए Amritsar Police अब कड़ाई से कड़ियां जोड़ रही है।
इस्लामाबाद और गेट हकीमा थानों में एफआईआर दर्ज, जांच जारी
इस मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए Amritsar Police ने अमृतसर के थाना इस्लामाबाद और थाना गेट हकीमा में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत सख्त एफआईआर दर्ज कर ली है। Amritsar Police के साथ-साथ देश की अन्य केंद्रीय सुरक्षा और जांच एजेंसियां भी अब इस पूरे मामले की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकिंग को बहुत ही बारीकी से खंगालने में जुट गई हैं।
पुलिस की टीमें अब इस बात का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही हैं कि इस नेटवर्क द्वारा अब तक कितने अवैध हथियार पंजाब और भारत के अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक सप्लाई किए जा चुके हैं और उनके खरीदार कौन-कौन हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने साफ शब्दों में कहा कि Amritsar Police ऐसे किसी भी आपराधिक और राष्ट्रविरोधी नेटवर्क को पनपने नहीं देगी।
आरोपियों के संभावित विदेशी संपर्कों, हवाला के अवैध लेन-देन और हथियारों की इस पूरी सप्लाई चेन की बेहद गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले बड़े खुलासे होंगे तथा कई और बड़े चेहरों की गिरफ्तारियां भी सुनिश्चित की जाएंगी। पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि सूबे में अमन-चैन को प्रभावित करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
