Gurugram encounter यूनिवर्सिटी फाउंडर के बेटे को बंधक बनाना दीपक नंदल गैंग को बहुत भारी पड़ा। गुरुग्राम पुलिस ने यूनिवर्सिटी के फाउंडर के बंधक बेटे को मुक्त कराने के लिए ऑपरेशन लॉन्च किया, मगर बदमाशों ने पुलिस पर ऑटोमैटिक हथियारों से हमला कर दिया।
पुलिस पार्टी ऐसे हालात के लिए पहले से तैयार थी। बदमाशों की गोलियों का जवाब गुरुग्राम पुलिस ने गोलियों से दिया। नतीजा: दीपक नंदल गैंग के चार गुर्गे मुठभेड़ में ढेर हो गए। एक बदमाश घायल भी हुआ है। बदमाशों की गोली से एक दारोगा और तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Gurugram encounter से साइबर सिटी गुरुग्राम में आतंक और फिरौती का साम्राज्य चलाने की कोशिश करने वाले अपराधियों को गुरुग्राम पुलिस ने बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। गुरुवार को सुशांत लोक फेज-2 इलाके में क्राइम ब्रांच की टीमों और हथियारों से लैस बदमाशों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार कुख्यात शूटर मारे गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
यह मुठभेड़ (Gurugram encounter) उस वक्त हुई जब यह अपराधी पीछा कर रही क्राइम ब्रांच की टीम को देखकर विदेश में बैठे एक इनामी गैंगस्टर के इशारे पर एक स्थानीय व्यवसायी के घर पर अत्याधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे थे। पुलिस ने अपराधियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर ही जानलेवा हमला कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में चारों को ढेर कर दिया गया।
शुरुआती तफ़्तीश में सामने आया की क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली थी कि बदमाश सुशांत लोक इलाके में गुरुग्राम के नामी व्यवसायी विशाल बेरी के घर के बाहर फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाले है। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने सुशांत लोक वन इलाके में ट्रैप लगाया।
बदमाश तमाम सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए कानून से बेख़ौफ़ ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो में सवार हथियारबंद बदमाश सुशांत लोक 1 इलाके के House No 802 में पहुंचे ही थे और इससे पहले यह फायरिंग करते क्राइम ब्रांच सेक्टर 40 की टीम में इन्हें चारों तरफ से घेर सरेंडर करने को कहा बस फिर क्या था स्कार्पियो सवार चार से पांच बदमाशों ने क्राइम ब्रांच की टीमों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
आमने-सामने की इस फायरिंग (Gurugram encounter) में स्कार्पियो सवार पांच बदमाशों को गोलियां लगी जिसमें चार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक शिवम, गुरुग्राम के कोटा बिसर का रहने वाला है को गंभीर हालत में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है
इस मुठभेड़ (Gurugram encounter) के दौरान गुरुग्राम पुलिस के तीन जवान भी गोलियां लगने से घायल हुए हैं। जिन्हें तुरंत नजदीकी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (क्राइम) और डीसीपी (ईस्ट) भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।
इसके साथ ही सीन-ऑफ-क्राइम और एफएसएल (FSL) की टीमों ने (Gurugram encounter) घटनास्थल का निरीक्षण कर अत्याधुनिक हथियारों सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इस मामले में एसीपी सदर धर्मवीर सिंह ने बताया कि आमने-सामने की फायरिंग में क्राइम ब्रांच सेक्टर 40 की टीम में तैनात Asi सुनील, सिपाही मंजीत और सिपाही शमशेर को गोलियां लगी है।
Gurugram encounter में घायल पुलिसकर्मियों को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां पर डॉक्टर की टीम उनकी सर्जरी में जुटी है| एसीपी सदर ने इस मुठभेड़ के बारे में बताया कि स्कॉर्पियो में सवार पांचो बदमाश विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल के शार्प शूटर थे।
दीपक नांदल B.Tech काफी समय से सुशांत लोक के रहने वाले मशहूर व्यवसाय विशाल बेरी को फिरौती की धमकी दे रहा था और जब फिर होती की रकम दीपक नांदल को नहीं मिली तो उसने विशाल बेरी के घर के बाहर फायरिंग की साज़िश रची थी।
गुरुग्राम पुलिस ने साफ कर दिया गया है कि मृत और घायल अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके पास से बरामद हथियारों की जांच कर जल्द ही बड़ा खुलासा किया जाएगा। गुरुग्राम पुलिस ने इस एनकाउंटर (Gurugram encounter) के जरिए साफ कर दिया है कि दिल्ली-एनसीआर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले और व्यापारियों में दहशत पैदा करने वाले किसी भी बदमाश को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के आला अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि आम जनता की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वाले हर अपराधी का अंजाम यही होगा। विदेश में बैठकर गैंग चलाने वाले आकाओं के इशारे पर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शूटरों के खिलाफ पुलिस का यह कड़ा एक्शन एक सीधा संदेश है। या तो अपराध छोड़ दो, या फिर कानून के फौलादी शिकंजे और अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।
बरामदगी और फोरेंसिक जांच
घटना स्थल से कई ऑटोमैटिक हथियार, मैगज़ीन, जिंदा कारतूस और कथित अभिलेख बरामद हुए हैं। इन अलमार्ग मोटरवाला सबूतों से पुलिस को यह उम्मीद है कि यह कार्रवाई Deepak Nandal gang के बड़े नेटवर्क पर कड़ा झटका है। Gurugram encounter के बाद पुलिस ने इलाके की सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डेटा खंगाला और कई संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान की है। फोरेंसिक टीम शीघ्र ही बुलेट रिकवरी और फिंगरप्रिंट मिलान की रिपोर्ट पेश करेगी, जो आगे की केस बिल्डिंग में अहम होगी।
काम आई पुलिस की अचूक रणनीति
गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि यह ऑपरेशन (Gurugram encounter) पहले से मिली इन्टेलिजेंस के आधार पर प्लान किया गया था। university founder’s son abducted जैसे हाई-प्रोफ़ाइल केस में पुलिस ने रेस्क्यू पर फोकस रखा और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
Gurugram encounter में शामिल टीमों ने सेक्टोर डिवीजन, बैकअप और मेडिकल कॉर्डिनेशन पहले से सुनिश्चित कर रखा था, जिससे घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज मिल सका। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त नाके और पेट्रोलिंग बढ़ा दी है ताकि किसी भी सहयोगी संदिग्ध को पकड़ना आसान हो सके।
दीपक नंदल गैंग ने मांगी थी एक करोड़ फिरौती
Deepak Nandal gang का इतिहास हिंसा, डकैती, अपहरण और ड्रग्स तस्करी से जुड़ा हुआ रहा है। एसीपी सदर धर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर विशाल से विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल ने फिरौती मांगी थी। इसके बाद ही उसके गैंग मेंबर्स ने विशाल के घर पर हमला किया। अभी पूरे एरिया सील कर दिया गया है।
प्रॉपर्टी डीलर से पूछताछ
ACP सदर धर्मवीर सिंह ने बताया कि अपराधियों के आपराधिक रिकॉर्ड, बरामद हथियारों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रॉपर्टी डीलर विशाल बेरी और उनके परिवार से भी पूछताछ की जा रही है कि उनसे कब-कब और कितनी रंगदारी मांगी गई है।
