Bijnor Smack Smuggling युवाओं को फांसतीं थीं नूरी और तबस्सुम, स्मैक और 90 हजार नगदी के साथ गिरफ्तार

Bijnor Smack Smuggling युवाओं को फांसतीं थीं नूरी और तबस्सुम, स्मैक और 90 हजार नगदी के साथ गिरफ्तार

Bijnor Smack Smuggling उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कोतवाली शहर पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर स्मैक सप्लाई करने वाली विशेष समुदाय की दो महिला तस्करों को रंगे हाथों  गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस हाई-प्रोफाइल Bijnor Smack Smuggling  के सामने आने के बाद जिले के नशा तस्करों, पेडलर्स और ड्रग माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।

2 लाख की स्मैक और 90 हजार की  नगदी बरामद

स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिजनौर कोतवाली शहर पुलिस को पिछले काफी समय से विभिन्न माध्यमों से क्षेत्र में स्मैक तस्करी और युवाओं के बीच नशे के अवैध कारोबार की लगातार खुफिया सूचनाएं मिल रही थीं। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस ने अपनी सर्विलांस और जमीनी टीम को एक्टिव किया। पकड़ी गईं दोनों लड़कियां मिर्दगान निवासी फरीद की बेटियां हैं।

मुखबिर की सटीक लोकेशन और सूचना पर पुलिस टीम ने थाना कोतवाली शहर के मोहल्ला मृदागान में योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी करके दोनों महिला तस्करों को उस समय दबोच लिया जब वे माल की सप्लाई देने की फिराक में थीं। महिला पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में जब उनकी जामा तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब दो लाख रुपये कीमत की स्मैक और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से जुटाई गई लगभग 90,000 की नगदी बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि इस Bijnor Smack Smuggling Case  के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

युवाओं को ‘स्लो पॉइजन’ से बचाने के लिए पुलिस का बड़ा एक्शन

बिजनौर पुलिस प्रशासन इन दिनों जिले के स्कूल-कॉलेजों और रिहायशी इलाकों के आस-पास ‘नशा मुक्त बिजनौर अभियान’ चला रहा है। इस Bijnor Smack Smuggling Case के विश्लेषण से पता चलता है कि ड्रग्स माफिया अब पुलिस की नजरों से बचने के लिए महिलाओं को बतौर ‘कैरियर’ (सप्लायर) इस्तेमाल कर रहे हैं। ये महिला तस्कर स्थानीय स्तर पर स्कूली छात्रों और युवाओं को टारगेट कर रही थीं, ताकि उन्हें इस घातक नशे की लत में धकेल कर मोटा मुनाफा कमाया जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस Bijnor Smack Smuggling Case  में पकड़ी गई महिलाओं से पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस की इस मुस्तैदी के कारण दो बड़ी महिला सप्लायर अब सलाखों के पीछे पहुंच चुकी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को इस खौफनाक दलदल में फंसने से बचाने में बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस Bijnor Smack Smuggling Case में पुलिस की त्वरित और सख्त कार्रवाई की सराहना की है।

एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मुकदमा दर्ज, आगे की जांच शुरू

थाना कोतवाली शहर पुलिस ने दोनों गिरफ्तार महिलाओं के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम  (NDPS Act) और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यह Bijnor Smack Smuggling Case  केवल दो महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।

पुलिस कप्तान के निर्देश पर गठित एंटी-ड्रग सेल की एक विशेष टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर बिजनौर में स्मैक की यह खेप उत्तर प्रदेश के किस अन्य जिले या सीमावर्ती राज्य से लाई जा रही थी और शहर के भीतर इनके मुख्य खरीदार और एजेंट कौन-कौन हैं। पुलिस का दावा है कि इस Bijnor Smack Smuggling Case के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगालकर जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों को बेनकाब किया जाएगा। (बिजनौर से रविंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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