Amritsar Police अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को NDPS एक्ट के तहत दर्ज 702 मामलों में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में तय प्रक्रिया के तहत की गई। पुलिस ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जब्त किए गए मादक पदार्थों को सुरक्षित तरीके से खन्ना पेपर मिल ले जाया गया, जहां उन्हें बॉयलर में डालकर नष्ट किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में तय कानूनी और पर्यावरणीय मानकों का पालन किया गया। इस तरह की कार्रवाई का मकसद न केवल पुराने मामलों में जब्त माल का निपटारा करना होता है, बल्कि यह संदेश भी देना होता है कि नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नष्ट किए गए सामान में 7 किलो 218 ग्राम हेरोइन, 29 किलो 892 ग्राम नशीला पाउडर, 64 किलो 50 ग्राम भूकी, 330 ग्राम भांग, 4 नशीले इंजेक्शन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री शामिल थी। इसी तरह के पिछले डिस्पोजल में भी पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले कैप्सूल, गोलियां, स्मैक और चरस जैसी चीजें नष्ट की थीं, जिससे साफ है कि शहर में एनडीपीएस मामलों की संख्या और बरामदगी दोनों ही गंभीर स्तर पर हैं।
खबर एक नज़र में
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अमृतसर पुलिस ने NDPS एक्ट के 702 मामलों में जब्त मादक पदार्थ नष्ट किए।
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कार्रवाई खन्ना पेपर मिल में की गई।
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निस्तारण ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में हुआ।
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जब्त सामान में हेरोइन, चरस, भूकी, नशीले कैप्सूल, टैबलेट, स्मैक और पाउडर शामिल थे।
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पुलिस ने इसे नशा तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश बताया।
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पूरी प्रक्रिया नियमों और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार पूरी की गई।
जब्त सामग्री का ब्यौरा
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7 किलो 218 ग्राम हेरोइन।
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90,986 नशीले कैप्सूल।
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1,18,780 टैबलेट।
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29.892 किलो नशीला पाउडर।
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75.709 किलो चरस।
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27.740 किलो भूकी।
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21.957 किलो स्मैक।
कार्रवाई कैसे हुई
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नशीले पदार्थों को अधिकृत स्थल पर ले जाया गया।
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तय प्रक्रिया के तहत उन्हें बॉयलर में डालकर नष्ट किया गया।
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पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई हुई।
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पारदर्शिता और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया।
पुलिस का संदेश
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पुलिस ने कहा कि पुराने मामलों में जब्त सामान का सुरक्षित निपटारा जरूरी है।
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इस तरह की कार्रवाई से ड्रग नेटवर्क पर दबाव बढ़ता है।
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पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सप्लाई चेन तोड़ने पर भी है।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी की भूमिका इस प्रक्रिया में बेहद अहम रहती है। कमेटी का काम यह सुनिश्चित करना होता है कि अदालत या कानूनी प्रक्रिया में जब्त किया गया सामान तय नियमों के तहत सुरक्षित रूप से नष्ट हो और उसका दोबारा अवैध इस्तेमाल न हो सके। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा निपटारा किया गया।
अमृतसर पुलिस की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और जब्त सामग्री के निस्तारण पर भी जोर दिया जा रहा है। जब्त माल का नष्ट किया जाना यह दिखाता है कि पुलिस सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक नहीं, बल्कि आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
@cpamritsar अमृतसर पुलिस ने सवा सौ से ज्यादा ड्रग्स को किया आग के हवाले- देखें विजुवल्स pic.twitter.com/Alu5UAcBzc
— news wala (@NewsWalaOrg) May 2, 2026
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से साझा संदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि अवैध कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की सार्वजनिक कार्रवाई का एक मनोवैज्ञानिक असर भी होता है, क्योंकि इससे नशा तस्करों को यह संकेत जाता है कि पुलिस और प्रशासन लगातार सक्रिय हैं। साथ ही आम लोगों के बीच भी यह भरोसा बढ़ता है कि बरामद मादक पदार्थों का सुरक्षित और अंतिम निपटारा किया जा रहा है।
पिछले कुछ महीनों में अमृतसर में NDPS से जुड़ी कई बड़ी कार्रवाइयां सामने आई हैं। फरवरी 2026 में भी कमिश्नरेट पुलिस ने 90 मामलों में जब्त नशीला माल नष्ट किया था। अप्रैल 2026 में 249 मामलों में जब्त ड्रग्स के निपटान की खबर आई थी। इससे संकेत मिलता है कि जिले में लगातार ऐसी कार्रवाइयां चल रही हैं और यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बन चुकी है।
अमृतसर जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र में ड्रग्स से जुड़ी चुनौती गंभीर मानी जाती है। यही कारण है कि पुलिस, प्रशासन और ड्रग डिस्पोजल कमेटी मिलकर जब्त माल के निस्तारण, जांच और कार्रवाई को एक साथ आगे बढ़ा रहे हैं। इस ताजा कदम ने एक बार फिर नशा विरोधी मुहिम को सुर्खियों में ला दिया है और यह साफ किया है कि कानून-व्यवस्था एजेंसियां इस समस्या को लेकर किसी ढिलाई के मूड में नहीं हैं।