Sandeep Pathak आम आदमी पार्टी छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजनीति की शुचिता की कसमें खाने वाले और वेंडेटा पॉलिटिक्स के खिलाफ हल्ला बोलने वाले अरविंद केजरीवाल ने संदीप पाठक के खिलाफ पहली बदले की कार्रावाई कर डाली है। अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पंजाब में उनके खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें भ्रष्टाचार और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। दोनों मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं। ऐसा बताया जाता है भगवंत मान ने संदीप पाठक की गिरफ्तारी के लिए पंजाब पुलिस भी दिल्ली भेज दी है।
क्या है पूरा मामला
संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो जिलों में केस दर्ज हुए हैं। एक मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों से संबंधित है। खबर लिखे जाने तक एफआईआर के नंबर और पुलिस स्टेशन का नाम अभी पता नहीं चला है। इन मामलों ने उनके राजनीतिक और कानूनी भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
किन धाराओं में केस
संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं शामिल की गई हैं। इसका मतलब है कि जांच और कानूनी कार्रवाई के स्तर पर मामला सामान्य शिकायत से कहीं अधिक गंभीर है। भगवंत मान की मंशा संदीप पाठक को किसी भी सूरत में गिरफ्तार करवाना है। ऐसा भी बताया जाता है कि संदीप पाठक अग्रिम जमानत या एफआईआर क्वैश आसानी से न कर पाएँ इसलिए उन्होंने बड़े नामचीन वकीलों से कैविएट भी लगवा दिए हैं, हालांकि खबर लिखे जाने तक इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी।
पुलिस की कार्रवाई
इससे पहले पंजाब पुलिस की एक टीम संदीप पाठक के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची थी लेकिन पंजाब पुलिस के पहुंचने से पहले ही संदीप पाठक घर से निकल चुके थे। पंजाब पुलिस संदीप पाठक की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर एक साथ छापे मारी कर रही है। बताया तो यह भी जाता है कि पंजाब पुलिस ने संदीप पाठक के घर छापा मारने से पहले दिल्ली पुलिस को सूचित नहीं किया है। पंजाब पुलिस की इस हरकत को लेकर दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार में आक्रोश है।
अरविंद केजरीवाल के ‘चाणक्य’ थे संदीप पाठक
संदीप पाठक राज्यसभा सांसद हैं और कुछ समय पहले तक आम आदमी पार्टी के अहम रणनीतिकारों में गिने जाते थे। वे बाद में भाजपा में शामिल हो गए, जिसके बाद पंजाब की राजनीति में उनकी भूमिका और स्थिति दोनों को लेकर चर्चा बढ़ गई।
अब क्या होगा
यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेता पर कार्रवाई को दोनों दलों के बीच चल रही खींचतान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इससे न केवल पंजाब की सियासी शोले फूटते नजर आएंगे बल्कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई संभव है।
अमित शाह से दो कदम आगे निकले अरविंद केजरीवाल
ऐसा बताया जा रहा था कि बीजेपी आालकमान पश्चिम बंगाल समेत पांच विधानसभाओं की मतगणना के बाद ही पंजाब की ओर ध्यान देना चाहता था। अरविंद केजरीवाल को मालूम था कि पलटवार में दो-एक दिन की देरी की तो मोटा भाई भगवंत मान के चीफ मिनिस्टर की कुर्सी से बेदखल कर सकते हैं, इसलिए जब तक पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है तब तक बागियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दे दिया जाए।
सांसद राजेंद्र गुप्ता की फैक्ट्रियों पर हुई थी छापेमारी
भाजपा में शामिल हुए उद्योगपति राजिंदर गुप्ता भी चर्चा में हैं। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने हाल ही में उनकी फैक्ट्रियों पर छापामारी की थी। मामला हाई र्ट पहुंचने पर 4 मई तक के लिए कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।
संदीप पाठक ने कैंब्रिज से की है पीएचडी
पिछले माह 25 अप्रैल 2026 को डॉ. संदीप पाठक ने राघव चड्डॉ. के साथ भाजपा का दामन थामा था। उनके साथ आप के 11 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ी थी, जिससे प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। छत्तीसगढ़ के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले डॉ. पाठक ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है और आईआईटी दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर भी रह चुके हैं। 2016 में राजनीति में सक्रिय होने के बाद वे आप के अहम रणनीतिकार बने और 2022 में राज्यसभा पहुंचे।
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