Delhi ka Rehman Dakait अरविंद केजरीवाल पर प्रवेश वर्मा का तीखा हमला

Delhi ka Rehman Dakait अरविंद केजरीवाल पर प्रवेश वर्मा का तीखा हमला

Delhi ka Rehman Dakait दिल्ली की राजनीति में सरकारी आवास के नवीनीकरण और विलासिता के आरोपों को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच विवाद गहरा गया है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रवेश वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखे प्रहार किए। भाजपा ने इस दौरान ‘शीशमहल’ विवाद के दूसरे संस्करण (पार्ट 2) का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार के नए दावे पेश किए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को संबोधित करने के लिए ‘दिल्ली का रहमान डकैत’ शब्द का प्रयोग किया। भाजपा नेता का तर्क था कि जिस प्रकार कोई डकैत संपत्ति पर कब्जा करता है, उसी प्रकार दिल्ली के खजाने का उपयोग व्यक्तिगत विलासिता के लिए किया गया है। वर्मा ने आरोप लगाया कि सादगी का दावा कर राजनीति में आए नेता ने दिल्ली की जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया है।

प्रवेश वर्मा का आरोप है कि पहले सामने आए खर्चों के अलावा, अरविंद केजरीवाल के आवास की साज-सज्जा और सुविधाओं के विस्तार पर करोड़ों रुपये की अतिरिक्त राशि खर्च की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया गया कि आवास में अत्यधिक महंगे विदेशी मार्बल, सेंसर आधारित स्वचालित उपकरण और उच्च श्रेणी के इंटीरियर का उपयोग हुआ है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह खर्च उस समय किया गया था जब दिल्ली कोरोना महामारी और अन्य प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रही थी।

प्रवेश वर्मा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने पलटवार किया है। पूर्व सीएम आतिशी मार्लेना ने इन बयानों को ‘मर्यादाहीन’ और ‘झूठ का पुलिंदा’ बताया है। आप का कहना है कि भाजपा असल मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की व्यक्तिगत बयानबाजी कर रही है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी निर्माण कार्य नियमों के तहत और संबंधित विभागों की मंजूरी के बाद ही किए गए हैं।

राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने के बाद ‘शीशमहल’ का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। जहाँ भाजपा इसे भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रही है। ‘रहमान डकैत’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीतिक जंग और अधिक आक्रामक हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *