देश विरोधी गतिविधियों और टेरर नेटवर्क के खिलाफ मध्य प्रदेश में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। राजधानी भोपाल के काजी कैंप इलाके में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बेहद संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इस Bhopal ATS Arrest के बाद से ही पूरे प्रदेश के खुफिया तंत्र और सुरक्षा गलियारों में हड़कंप मच गया है।
शुरुआती जांच और सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया संदिग्ध सीधे तौर पर सरहद पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और भारत में किसी बड़ी साजिश को अमलीजामा पहनाने की कोशिशों में जुटा हुआ था।
काजी कैंप से दबोचा गया संदिग्ध मोहम्मद फराज
एटीएस की टीम को पिछले कुछ समय से इनपुट मिल रहे थे कि भोपाल के घने आबादी वाले इलाके काजी कैंप में एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। पुख्ता सबूत और तकनीकी सर्विलांस की मदद से जाल बिछाया गया, जिसके बाद यह बड़ी Bhopal ATS Arrest मुमकिन हो सकी।
पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद फराज के रूप में हुई है। वह काजी कैंप इलाके में छिपकर देश विरोधी ताकतों के लिए काम कर रहा था। स्थानीय स्तर पर वह खुद को एक सामान्य नागरिक की तरह पेश कर रहा था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा रह सके।
पाकिस्तानी हैंडलर ‘शाहिद खालिद’ और ‘सैफुल्लाह’ कोडनेम
जांच में जो सबसे सनसनीखेज खुलासा हुआ है, वह आरोपी फराज का सीधे पाकिस्तान से जुड़ा होना है। सूत्रों के मुताबिक, फराज पाकिस्तान में बैठे एक शातिर हैंडलर ‘शाहिद खालिद’ के लगातार संपर्क में था। यह हैंडलर इंटरनेट, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए फराज को गाइड कर रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने और अपनी पहचान छिपाने के लिए पाकिस्तानी हैंडलर ने फराज को एक सीक्रेट कोडनेम भी दिया था। फराज को ‘सैफुल्लाह’ नाम दिया गया था। वह इसी नाम का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी वॉट्सऐप ग्रुप्स और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर देश विरोधी चैट्स और साजिशों को आगे बढ़ा रहा था। इस हाई-प्रोफाइल Bhopal ATS Arrest से इस पूरे डिजिटल नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।
देवबंद से जुड़ा लिंक और अफगानिस्तान जाने की तैयारी
एटीएस की शुरुआती तफ्तीश में आरोपी के तार उत्तर प्रदेश के देवबंद से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। वह वहां के कुछ संदिग्ध तत्वों के संपर्क में भी था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसके अलावा, आरोपी भारत छोड़कर विशेष ट्रेनिंग लेने के लिए अफगानिस्तान जाने की फिराक में था।
अफगानिस्तान जाने की अपनी इस खतरनाक साजिश को अंजाम देने के लिए उसने पूरी तैयारी कर ली थी। खुद को शारीरिक रूप से मजबूत और किसी भी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से वह पिछले कुछ समय से मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग भी ले रहा था।
युवाओं के ब्रेनवॉश और जिहादी सामग्री का खुलासा
हालिया Bhopal ATS Arrest के बाद आरोपी के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री जब्त की गई है। आरोपी फराज उर्फ सैफुल्लाह का मुख्य काम स्थानीय युवाओं को टारगेट करना और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलना था।
वह पाकिस्तान से भेजे गए कथित जिहादी दस्तावेजों और वीडियो के जरिए सीधे तौर पर युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा था। वह उन्हें देश के खिलाफ भड़काने और अपने स्लीपर सेल नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश में जुटा था। एटीएस ने उसके पास से कई संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
रिमांड पर आरोपी, बड़े खुलासे होने की उम्मीद
कोर्ट में पेशी के बाद एटीएस ने आरोपी मोहम्मद फराज को पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि मध्य प्रदेश और भोपाल में उसके और कौन-कौन से मददगार या लॉजिस्टिक्स सपोर्ट देने वाले लोग सक्रिय हैं।
इस सनसनीखेज Bhopal ATS Arrest के बाद प्रदेश की सभी सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया विभागों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रख दिया गया है। आने वाले दिनों में रिमांड के दौरान पूछताछ में इस टेरर मॉड्यूल, इसकी विदेशी फंडिंग और देश के अन्य हिस्सों में फैले इसके सहयोगियों को लेकर कई और बड़े तथा चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
Bhopal ATS द्वारा पकड़े गए पाकिस्तानी टेररिस्ट-एजेंट
- मोहम्मद फराज (जून 2026): भोपाल के काजी कैंप इलाके से पकड़ा गया संदिग्ध। उसके मोबाइल से पाकिस्तान से भेजे गए जिहादी दस्तावेज (PDF) और अफगानिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग से जुड़े लिंक मिले थे।
- आईएसआईएस (ISIS) से जुड़ा ऑपरेटिव (अक्टूबर 2025): दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और भोपाल एटीएस ने साझा कार्रवाई में एक 20 वर्षीय आईएसआईएस से प्रेरित संदिग्ध को भोपाल से गिरफ्तार किया था।
- हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) मॉड्यूल (मई 2023): एनआईए (NIA) और एटीएस ने भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई शहरों में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। भोपाल से 10 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, जिन पर युवाओं का ब्रेनवॉरेन कर देश-विरोधी नेटवर्क बनाने के आरोप थे।
- जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) मॉड्यूल (मार्च 2022): एटीएस ने भोपाल के ऐशबाग इलाके से प्रतिबंधित आतंकी संगठन जेएमबी के 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये लोग भोपाल में स्लीपर सेल स्थापित करने की साजिश रच रहे थे।
- साजिद मुनीर – पाकिस्तानी जासूस (गिरफ्तारी 2004, रिहाई 2016): भोपाल पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक साजिद मुनीर को गिरफ्तार किया था जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए जासूसी कर रहा था। वह 12 साल जेल में सजा काटने के बाद 2016 में पाकिस्तान डिपोर्ट किया गया था।
- आईएसआई (ISI) टेलीफोन एक्सचेंज रैकेट (फरवरी 2016): भोपाल में एनआईए और क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) के लिए काम करने वाले एक संदिग्ध एजेंट को भोपाल से गिरफ्तार किया था।
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