Maveshi Bajaar Ghotala वारासिवनी में 10, 20 व 30 रुपये के स्थान पर 50 रुपये व 70 रुपये प्रति दुकान/ठेला, 370 रुपये प्रति जोड़ी के स्थान पर 800 व 1000 रुपये अर्थात् निर्धारित दर से 7 गुना, 3 गुना व दोगुना वसूली। यह आंकड़े वारासिवनी नगरपालिका परिषद अंतर्गत भरने वाले बैठकी बाजार व मवेशी बाजार के हैं। नगरपालिका परिषद वारासिवनी द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए इस बाजार का ठेका मुदित अग्रवाल नाम के एक ठेकेदार को दिया है। जिसके कर्मचारी मनमाने ढंग से वसूली कर रहे हैं।
अधिक राशि में ठेका लेने के नाम पर कर रहे मनमानी वसूली
ठेकेदार द्वारा यह ठेका लगभग 38 लाख रुपये में लिया गया है। जो पिछले ठेके से लगभग 10 लाख रुपये अधिक है। अब इस राशि की वसूली के लिए ठेकेदार के कर्मचारी पूरी गुंडागर्दी के साथ बाजार में आकर अपना सामान बेचने वाले ग्रामीणों व दुकानदारों से मनमानी वसूली कर रहे है। जिसके संबंध में नगरपालिका सीएमओ, अध्यक्ष व पूर्व विधायक सभी को पूरी जानकारी है। लेकिन तीनों ही ठेकेदार की इस गुंडागर्दी पूर्ण वसूली पर रोक लगाने में अक्षम साबित हो रहे है और ठेकेदार दुकानदारों को लूट रहा है।

पूर्व विधायक जायसवाल ने की थी निर्धारित दर से वसूली की मांग
ठेकेदार की इस लूट के खिलाफ लगभग 15 दिनों पहले नगरपालिका में आयोजित जनसुनवाई में कुछ दुकानदारों द्वारा शिकायत की गई थी, जिस पर जनसुनवाई कर रहे पूर्व विधायक प्रदीप जायसवाल ने ठेकेदार के कर्मचारियों को नगरपालिका द्वारा निर्धारित दर से ही वसूली करने की मांग की थी लेकिन ठेकेदारों ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया।
पर्ची पर नहीं लिखते राशि, दुकानदारों से करते हैं गाली गलौच
ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा अधिक राशि लेने पर भी उन्हें पर्ची बराबर नहीं दी जाती है। जो दुकानदार उनका विरोध करता है, उस दुकानदार को बाजार में दुकान लगाने से मना करते है और उसके साथ गाली गलौच करते है। हालात यह है कि दुकानदार इन कर्मचारियों की गुंडागर्दी से भयभीत होकर अब कुछ कहने से भी डरने लगे है।
मवेशी बाजार में 160 की जगह 400 रुपये प्रति नग की वसूली
मवेशी बाजार में तो स्थिति यह है कि पंजीयन पर्ची पर वसूली गई राशि का उल्लेख ही नहीें किया जाता है। नगरपालिका वारासिवनी द्वारा मवेशी बाजार के लिए जो दर निर्धारित की गई है, उसके अनुसार बैल, बोदा, भैंस, गाय के लिए प्रति नग 160 रुपये, बकरा बकरी के लिए 60 रुपये प्रति नग, बछड़ा, बछिया, पड़वा, पठिया के लिए 60 रुपये प्रति नग है साथ ही बिक्री पर प्रति रास 50 रुपये पंजीयन शुल्क के देना होता है। लेकिन बाजार ठेकेदार द्वारा बैल, गाय, बोदा, भैंस आदि की बिक्री पर पहले 1000 रुपये लिए जा रहे थे, लेकिन 26 मई के बाजार में 800 रुपये लिए गए है। जिन किसानों द्वारा मवेशी खरीदे-बेचे जाते है, उनको जो रसीद दी जाती है, उसमें राशि का उल्लेख नहीं किया जाता है।

नगरपालिका द्वारा निर्धारित दरें
सब्जी बाजार में बगैर पाल लगाए बैठने वाले दुकानदारों से 70 रुपये वसूले जा रहे है, जबकि उनसे सिर्फ 10 रुपये लेने का प्रावधान है। उसके अलावा त्रिपाल लगाकर सब्जी, सराफा, किराना, लोहा, बर्तन, तम्बाखु, मनिहारी, कपड़ा, नारियल, हड्डी, चमडा, मॉस, मछली, तिलहन, आम, इमली, खटाई, जूते चप्पल, चॉवल छोडक़र सभी प्रकार के अनाज बेचने वाले दुकानदारों से 70 रुपये वसूले जा रहे है, जबकि उनसे सिर्फ 30 रुपये लेने का प्रावधान है, वहीं हाथ ठेले में लेकर घूमने वाले चाट, खिलौना, मनिहारी व अन्य अस्थायी दुकानों के दुकानदारों से प्रति ठेला 50 रुपये लिया जा रहा है, जबकि नगरपालिका द्वारा निर्धारित दर मात्र 20 रुपये प्रति ठेला है।
