Judicial Custody शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी और जिले के अन्य महाविद्यालयों में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना प्रीतम डहरवाल और उसके साथी रविशंकर कबीरे को न्यायालय ने जेल भेज दिया है।
फोन पे पर ली थी ठगी की रकम
विदित हो कि वारासिवनी पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम कटंगझरी निवासी शिकायतकर्ता पीयूष राऊत ने 25 अप्रैल 202 को प्रीतम लाल डहरवाल व रविशंकर कबीरे के खिलाफ वारासिवनी पुलिस थाने में शिकायत की थी कि दोनों ने शासकीय महाविद्यालय में आऊट सोर्स कर्मी के रुप में लेब अटेंडेंट व लेब टेक्निशियन के पद पर नौकरी दिलवाने के नाम पर 3 लाख रुपये की मॉग की थी। जिस पर उसके द्वारा 17 फरवरी 2025 को 2 लाख 75 हजार रुपये नगद रविशंकर कबीरे के माध्यम से प्रीतमलाल डहरवाल को दिए थे। उसके बाद 25 फरवरी 2025 को 25 हजार रुपये रविशंकर कबीरे के मोबाईल नम्बर पर फोन पे के माध्यम से दिया था।
नियुक्ति पत्र नहीं देने पर रकम मांगी वापस, तो एक लाख का चेक दिया
शिकायत अनुसार दोनों ने 8 दिनों के अंदर नियुक्ति पत्र मिलने की बात कही थी। लेकिन उसके बाद उनके द्वारा नियुक्ति पत्र देने में टालमटोल किया जाने लगा। जब मेरे द्वारा बार-बार बोला गया, तो 7 अक्टूबर 2025 को प्रीतमलाल डहरवाल द्वारा एक लाख रुपये का चेक अपनी पत्नि के नाम का सेन्ट्रल बैंक का दिया गया। जिसे मैने अपने खाते में जमा करवाया हूॅ। लेकिन 2 लाख रुपये की राशि उनके द्वारा आज तक नहीं दी गई है।
1 मई को प्रीतम व 4 मई को रविशंकर को हुआ था गिरफ्तार
इस शिकायत के बाद वारासिवनी पुलिस ने जॉच करते हुए एक मई को प्रीतमलाल डहरवाल को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गई और उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 181/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318/4 और 3, 5 के तहत मामला दर्ज किया कर न्यायालय में पेश कर 6 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। इस दौरान पुलिस ने उससे पूछताछ की और फिर 4 मई को पुलिस ने उसके सहयोगी रविशंकर कबीरे को भी गिरफ्तार कर लिया और उसे भी 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की और उसके बाद न्यायालय में पेश किया। जहॉ से न्यायालय ने प्रीतमलाल डहरवाल व रविशंकर कबीरे को जेल भेज दिया है।
ठगी की रकम, फर्जी दस्तावेज व प्रमाण पत्र किए बरामद
जानकारी अनुसार पुलिस द्वारा प्रीतमलाल डहरवाल व रविशंकर कबीरे से पूछताछ के दौरान उनके फोन पे नंबर पर ट्रांसफर की गई रकम, अन्य तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन आदि के सबूत एकत्रित किए गए। वहीं इस दौरान पीयूष से ठगी गई रकम, नौकरी लगाने के लिए बनाए गए फर्जी दस्तावेज और प्रमाण पत्र भी दोनों के पास से बरामद किए गए है।
शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में कार्यरत है दोनों आरोपी
उल्लेखनीय है कि आरोपी प्रीतमलाल पिता शीतल प्रसाद डहरवाल 46 वर्ष वारासिवनी नगर के वार्ड नम्बर 1 और रविशंकर कबीरे 31 वर्ष ग्राम सिहारी लांजी क्षेत्र का निवासी है और दोनों ही शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में आऊटसोर्स कर्मी के रुप में कार्यरत है। वारासिवनी पुलिस ने नागरिकों से अपील की हैं कि किसी अन्य नागरिकों को यदि इन दोनों द्वारा ठगा गया है, तो वह वारासिवनी पुलिस थाने में आकर साक्ष्यों के साथ अपनी रिपोर्ट लिखवा सकता है।