ASSAM: हिमंता दूसरी बार ले रहे CM की शपथ, राज्य में तीसरी बार NDA की सरकार – देखें Video

ASSAM: हिमंता दूसरी बार ले रहे CM की शपथ, राज्य में तीसरी बार NDA की सरकार – देखें Video

Assam असम विधानसभा चुनाव में BJP नेतृत्व वाले एनडीए की शानदार जीत के बाद आज हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले रहे हैं। शपथ समारोह में एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत तमाम नेता उपस्थित हैं।हिमंता के साथ चार मंत्रियों ने भी शपथ लीः देखें वीडियो

हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने: जानिए उनके बारे में सबकुछ

हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 12 मई, 2026 को गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड पर असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य‑राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। इस बार यह शपथ उनकी दूसरी बार CM पद की शपथ है, जिसके साथ ही असम में लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA/BJP‑नीत सरकार) की सरकार बन गई है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जैसे शीर्ष नेता शामिल हुए, जिसने इस दिन की महत्वपूर्ण राजनीतिक छवि को और भी चमकाया।

कौन हैं हिमंत बिस्वा सरमा

हिमंत बिस्वा सरमा 1 फरवरी, 1969 को असम के जोरहाट जिले में जन्मे। उनकी पहली पहचान छात्र आंदोलनकारी और कॉलेज प्रतिनिधि से जुड़ी रही, जहां उन्होंने गुवाहाटी के प्रतिष्ठित कॉटन कॉलेज (अब कॉटन यूनिवर्सिटी) में शिक्षा ली और नेतृत्व के क्षेत्र में जल्दी‑जल्दी नाम बनाना शुरू किया। छात्र जीवन में ही वे कई बार मंडलीय और कॉलेज स्तर की छात्रसंघ संस्थाओं में जनरल सेक्रेटरी जैसे पदों पर चुने गए, जिसने उनकी आक्रामक और बोलचाल वाली राजनीतिक शैली की नींव रखी।

वकालत से लेकर राजनीतिक ‘गेम‑चेंजर’ तक

शिक्षा के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत की पढ़ाई आगे बढ़ाई और 1995 में सॉलिसिटर की डिग्री हासिल की। 1996 से 2001 तक वे गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकील के रूप में प्रैक्टिस करते रहे, जबकि उसी दौरान छात्र आंदोलन और राजनीति के मैदान में उनकी उपस्थिति लगातार बढ़ती गई। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) जैसे मंचों पर उनकी भूमिका ने उन्हें “आदर्श‑और‑आग्रह” वाले नेता के रूप में स्थापित किया।

कांग्रेस से निकलकर बीजेपी का चेहरा

हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से शुरू हुआ। वे असम कांग्रेस के लिए एक प्रमुख युवा चेहरा बन गए और कई बार राज्य स्तर पर मंत्रीशिबिर में जगह बनाते रहे। हालांकि, 2015 में उनकी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की घोषणा ने उत्तर‑पूर्व की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। इसी बाद बीजेपी ने उन्हें NDA के उत्तर‑पूर्व प्रभारी (NEDA) की जिम्मेदारी सौंपी, जहां उन्हें पूरे उत्तर‑पूर्व के लिए गठबंधन और विस्तार की रणनीति तैयार करनी पड़ी।

मुख्यमंत्री बनने का पहला दौर

2016 में हिमंत बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की कैबिनेट में गृहमंत्री बने। उनकी आक्रामक लॉ‑एंड‑ऑर्डर छवि, ऑपरेशनों और तेज निर्णय‑लेने की शैली ने उन्हें राज्य भर में चर्चित कर दिया। 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP‑नीत गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जिसके बाद 10 मई, 2021 को हिमंत बिस्वा सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले नेता बने।

दूसरी बार CM: “हिमंत‑II” सरकार की शुरुआत

2026 के असम विधानसभा चुनाव में NDA ने बड़ी जीत हासिल की, जिसके बाद बीजेपी विधायक दल ने दोबारा हिमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुना। इसके बाद 12 मई, 2026 को गुवाहाटी में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में वे असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर लगातार दूसरे कार्यकाल में प्रवेश कर गए। इस दौरान उनके साथ कई नए और पुराने विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिससे उनकी नई कैबिनेट की तस्वीर साफ हो गई।

व्यक्तिगत जीवन और परिवार

हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी का नाम रिंकी भुयान शर्मा है, जो सामाजिक और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं, जिनके बारे में सार्वजनिक जानकारी सीमित है, लेकिन उनकी परिवारगत छवि असम के आम असमी परिवार से जुड़े साधारण नेता के रूप में बनी है।

विवाद, बोलचाल और डिजिटल छाप

हिमंत बिस्वा सरमा की आक्रामक भाषा, सोशल मीडिया पर तीव्र उपस्थिति और “आर्थिक जिहाद”, “मिया मुसलमान” जैसे शब्दों पर दिए गए विवादित बयानों ने न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश में बहस पैदा की है। विपक्ष उन्हें विभाजनकारी और गरीब‑विरोधी छवि देने की कोशिश करता है, तो दूसरी तरफ BJP और उनके समर्थक उन्हें डिजिटल युग के नए राजनीतिक चेहरे और उत्तर‑पूर्व के लिए बीजेपी की सबसे बड़ी राजनीतिक संपत्ति के रूप में पेश करते हैं।

हिमंत‑2.0 से उम्मीदें

अब दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा की नई कैबिनेट के रूप, नीतियों और विकास एजेंडे पर जोरदार सवाल उठ रहे हैं। अवैध नागरिकता और नागरिकता‑संबंधी विवाद, अंतरराज्यीय सीमा विवाद, युवाओं के लिए रोजगार‑सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने की मांगें – ये सब उनकी नई सरकार के आगे बड़ी चुनौतियां हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार की सरकार न सिर्फ असम बल्कि उत्तर‑पूर्व और राष्ट्रीय स्तर पर भी BJP के लिए एक ताकतवर संकेत के रूप में देखी जा रही है।

नेशनल प्रोफाइल वाला उत्तर‑पूर्व का सशक्त नेता

असम के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेकर हिमंत बिस्वा सरमा ने न सिर्फ अपने राजनीतिक सफर को नई ऊंचाई दे दी है, बल्कि उत्तर‑पूर्व के लिए बीजेपी की राजनीतिक रणनीति को भी मजबूत किया है। भविष्य में उनकी भूमिका नेशनल लेवल पर भी बड़ी तेजी से उभरी है। हालांकि, किरेण रिजीजू ने उत्तर पूर्व के लिए अपनी जी-जान लगा दी है लेकिन अब एक नहीं दो-दो सशक्त नेता उत्तर पूर्व को मिल चुके हैं।

 

 

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