Jabalpur Crime News: अवैध वसूली के सिंडिकेट का हेडक्वार्टर RTO पार्ट-2

Jabalpur Crime News: अवैध वसूली के सिंडिकेट का हेडक्वार्टर RTO पार्ट-2

Jabalpur Crime News परिवहन विभाग की फ्लाइंग को लेकर एक के बाद एक बड़े खुलासों से पूरे मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। अवैध वसूली और भ्रष्टाचार के आरोपों पर लगातार मोहर लगती जा रही है। इसी के साथ फ्लाइंग टीम में गैर सरकारी व्यक्तियों के शामिल होने के सबूत भी लगातार सामने आ रहे हैं। एक्सक्लूसिव तौर पर सामने आई एक वायरल तस्वीर और उससे जुड़े इनपुट्स ने राजेंद्र साहू अक्षय पटेल और राम गुप्ता के सिंडिकेट की परतें उधेड़ दी हैं।  जिस पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब चर्चा एक ऐसे सिंडीकेट नेटवर्क की हो रही है, जिसे स्थानीय स्तर पर राम गुप्ता से जुड़ा बताया जा रहा है।

हाल ही में वायरल हुई तस्वीर में कुछ लोग सरकारी वाहन के साथ जन्मदिन मनाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि ये लोग फ्लाइंग में गहरी पैठ रखने वाले राम गुप्ता से जुड़े हुए हैं। फोटो में दिख रहे आरटीओ फ्लाइंग के कर्मचारी, होमगार्ड और प्राइवेट कर्मचारी इस बात को पुख्ता तौर पर साबित कर रहे हैं कि इन्हीं की बदौलत हाईवे पर ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टर्स से अवैध वसूली होती है जिसका एक बड़ा हिस्सा ऊपर तक जाता है। तस्वीर के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और फ्लाइंग टीम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फ्लाइंग प्रभारी राजेंद्र साहू और उसके सहयोगी अक्षय पटेल के कार्यकाल में टीम की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि टीम में प्राइवेट व्यक्तियों की मौजूदगी बढ़ी है, जो नियमों के विपरीत है और कार्रवाई की निष्पक्षता पर असर डाल सकती है। यही नहीं, अंदरूनी चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि कुछ बाहरी लोग चालानी कार्रवाई के दौरान सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सामने आई तस्वीर में कथित तौर पर गैर सरकारी लोग, विभागीय कर्मचारी, आरक्षक और होमगार्ड एक साथ नजर आ रहे हैं, जिससे एक ‘सिंडीकेट’ की आशंका जताई जा रही है।  खास बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि फ्लाइंग  स्क्वायड में किसी भी गैर सरकारी व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इतने गंभीर आरोपों और वायरल तस्वीर जैसे कथित साक्ष्यों के बावजूद अब तक किसी बड़ी कार्रवाई का सामने न आना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *