GST लागू होने से पहले के लंबे समय से लंबित वैट असेसमेंट मामलों को सुलझाने के लिए चंडीगढ़ व्यापार मंडल (CBM) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल से सांसद अनुराग ठाकुर से समर्थन मांगा है सीबीएम के एक प्रतिनिधिमंडल ने कल चंडीगढ़ दौरे पर आए अनुराग ठाकुर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
कौन-कौन रहा मौजूद
प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई सीबीएम अध्यक्ष संजीव चड्ढा और चेयरमैन चरण जीव सिंह ने की। सलाहकार सुशील बंसल के साथ वरिष्ठ पदाधिकारी एलडी शर्मा और संजय आहूजा भी शामिल रहे।
मीटिंग में उठाए गए मुद्दे
यूटी चंडीगढ़ में GST से पहले के हजारों वैट असेसमेंट केस अब भी अनसुलझे हैं। प्रक्रियागत देरी के कारण कई मामले 8-10 साल से लटके हैं, जिससे व्यापारी और MSME परेशान हैं।
एमनेस्टी स्कीम
CBM ने दूसरे राज्यों-यूटी की तर्ज पर वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम की मांग की। मूल टैक्स जमा करने पर ब्याज और पेनल्टी माफ हो ताकि पुराने विवाद खत्म हो सकें।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर असर
लंबित मुकदमों से छोटे व्यापारियों की वर्किंग कैपिटल फंसी है। एमनेस्टी से व्यापारी अपने खाते क्लियर कर GST के बाद ग्रोथ पर फोकस कर पाएंगे।
सीबीएम अध्यक्ष बोले- MSME को मिलेगी राहत
अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने कहा, MSME चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रैक्टिकल एमनेस्टी स्कीम से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रशासन को भी मुकदमों में फंसा रेवेन्यू मिलेगा।
चेयरमैन चरणजीव सिंह ने कहा, “अनुराग ठाकुर जी पूर्व वित्त राज्यमंत्री रहे हैं, वह इन मुद्दों को गहराई से समझते हैं। उन्होंने धैर्य से हमारी बात सुनी। उम्मीद है वह हमारी मांग वित्त मंत्रालय और यूटी प्रशासन तक पहुंचाएंगे।”
अनुराग ठाकुर ने सीबीएम के प्रयासों की सराहना की और मामले को देखने व हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
सीबीएम के वाइस चेयरमैन दिवाकर साहूंजा ने कहा कि व्यापारियों को जल्द राहत दिलाने के लिए मंडल चंडीगढ़ प्रशासन, स्थानीय सांसद और केंद्र सरकार के साथ यह मुद्दा लगातार उठाता रहेगा।