Vinesh Phogat भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। महासंघ ने अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। कुछ दिन पहले विनेश फोगाट ने डब्लूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर अपने यौन शोषण का आरोप लगाया था। उन्होंने ट्विटर पर अपना एक क्लिप शेयर करते हुए कहा था कि मैं अभी तक चुप रही लेकिन अब सहा नहीं जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के गृह नगर गौंडा में हो रहे ट्रायल में निष्पक्ष चयन नहीं हो सकता।
WFI की ओर से जारी 15 पन्नों के नोटिस में कहा गया है कि विनेश ने संन्यास से वापसी की जानकारी समय पर नहीं दी। महासंघ का दावा है कि इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों और एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ।
महासंघ ने यह भी कहा कि विनेश के व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा और राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी हुई। नोटिस में उनसे चार प्रमुख आरोपों पर जवाब मांगा गया है और पूछा गया है कि उनके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों न की जाए।
विनेश फोगाट को इससे पहले पेरिस ओलिंपिक 2024 में ओवरवेट पाए जाने के बाद डिसक्वालीफाई कर दिया गया था। उसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास का ऐलान किया था, हालांकि बाद में उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया।
इधर, 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में हुए डोप टेस्ट में शामिल न होने पर इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने 4 मई को उन्हें नोटिस भेजा था।
पिछले हफ्ते विनेश ने पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर फिर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था कि गोंडा में होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के कारण उनके लिए वहां जाकर मुकाबला करना मुश्किल होगा।
विनेश ने यह भी कहा था कि बृजभूषण के खिलाफ शिकायत करने वाली छह पीड़ितों में वह भी शामिल हैं और उनकी गवाही कोर्ट में चल रही है। उन्होंने सरकार और खेल मंत्रालय पर भी मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया था।
करीब तीन साल पहले विनेश, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। बृजभूषण ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अगर वे सही साबित हुए तो वह फांसी पर लटक जाएंगे।