Jabalpur Bargi Dam नर्मदा नदी पर बने जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार की शाम को हुए हादसे में 23 पर्यटकों को बचा लिया गया है। शाम से शुरु हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह तक जारी रहा है। रेस्क्यू में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीमें भी जुटी रहीं। घटना स्थल पर राज्य के मंत्री राकेश सिंह, विधायक नीरज सिंह, जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह और एसपी सम्पत कुमार भी रात भर घटना स्थल पर बचाव ऑपरेशन को दिशा निर्देश देते रहे।
Jabalpur, Madhya Pradesh: Morning visuals show that rescue operations continued through the night following a cruise accident at Bargi Dam in Jabalpur, with teams still working at the site pic.twitter.com/YlO0ybFnj0
— IANS (@ians_india) May 1, 2026
इस हादसे के बारे में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गुरुवार की शाम अचानक 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने शांत पानी में सुनामी जैसी लहरें पैदा कर दीं।हमें लगा कि यह केवल सामान्य आंधी है, लेकिन देखते ही देखते लहरें क्रूज की खिड़कियों तक आने लगीं। चालक ने नाव को मोड़ने और किनारे लगाने की कोशिश की, लेकिन हवा का दबाव इतना अधिक था कि क्रूज एक तरफ झुक गया और देखते ही देखते पानी में समा गया।
Jabalpur, Madhya Pradesh: Jabalpur Collector Raghvendra Singh and Jabalpur Superintendent of Police Sampat Upadhyay are present at the rescue site and closely monitoring the operation pic.twitter.com/VWUedBmEJJ
— IANS (@ians_india) April 30, 2026
रात भर डटे रहे डीएम-एसपी
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय मछुआरे अपनी नावों के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने शुरुआती दौर में कई लोगों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद जबलपुर से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल और रेस्क्यू टीमों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे।
VIDEO | Jabalpur, Madhya Pradesh: A tourist cruise capsizes in Bargi Dam; 15 people rescued, and a search operation is underway. pic.twitter.com/ac8wFvwKMr
— Press Trust of India (@PTI_News) April 30, 2026
एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभालते ही अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग शुरू किया। रात का अंधेरा और बांध का गहरा पानी सबसे बड़ी बाधा बना। बचाव दल ने हाई-मास्ट लाइट्स और फ्लड लाइट्स की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी रखा। शुक्रवार सुबह की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि गैस कटर की मदद से क्रूज के उन हिस्सों को काटा गया जहाँ हवा के दबाव (Air Pockets) के कारण कुछ यात्रियों के फंसे होने की आशंका थी। अब तक कुल 23 लोगों को अस्पताल पहुँचाया गया है, जिनमें से अधिकांश की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
VIDEO | Jabalpur: Madhya Pradesh Minister Dharmendra Singh Lodhi says, "Rescue operations are underway. This is a very sad incident. 16 people have been rescued, and four bodies have been discovered."
A boat carrying 29 passengers overturned in the Bargi dam reservoir after… pic.twitter.com/y4LOyAGlxX
— Press Trust of India (@PTI_News) April 30, 2026
लाइफ जैकेट क्यों नहीं दी गई
जैसे-जैसे हादसे की परतें खुल रही हैं, प्रबंधन और क्रूज ऑपरेटरों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हादसे में बचे कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया कि क्रूज पर सवार सभी पर्यटकों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थीं। नर्मदा जी में क्रूज भेजने से पहले हर यात्री लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होता है। प्रशासन ने कहा है कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद इस बात की तह तक जाया जाएगा कि सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट क्यों नहीं दी गईं थीं।
Jabalpur, Madhya Pradesh: Following the accident at Bargi Dam, rescue teams have recovered a body from beneath the submerged cruise during ongoing operations. Yesterday, four bodies were recovered, and now one more body is being retrieved pic.twitter.com/YEZnqbYagh
— IANS (@ians_india) May 1, 2026
क्रूज में तैनात नहीं थे ट्रेंड गोताखोर
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि क्रूज की स्वीकृत लगभग 70 यात्रियों की थी। हादसे के समय क्रूज में 40 लोग सवार थे। पानी में किसी अनहोनी से बचाने के लिए क्रूज पर गोताखोर तैनात नहीं थे। क्रूज का पायलट क्रूज को बीच पानी में ले गया लेकिन जैसे ही तूफान ने जोर पकड़ा तो वो हड़बड़ा गया। उसने क्रूज को जल्दबाजी में मोड़ने की कोशिश की। हड़बड़ाहट में सैलानी टकरा गए और क्रूज की एक तरफ लुढ़क गए। जिससे मुड़ते समय क्रूज का संतुलन गड़बड़ाया और डूबता चला गया।
Jabalpur, Madhya Pradesh: Following the accident at Bargi Dam, A survivor says, "The storm was very strong and the waves were very high…Two waves came and entered inside the cruise. The waves were coming faster and the glass broke and the ship turned…I myself gave life… pic.twitter.com/Gq6NfI41Mx
— IANS (@ians_india) May 1, 2026
चेतावनी की अनदेखी
प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-तूफान का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था तो इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति क्यों दी गई?
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की फौरी राहत
मुख्यमंत्री ने इस घटना को “अत्यंत हृदयविदारक” बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। जबलपुर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में क्रूज ऑपरेटर और पर्यटन विभाग के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्कम कार्रवाई के अलावा गैर इरादतन हत्या का मुकदमा भी दर्ज करवाया जा सकता है।
इससे पहले गुरुवार देर रात लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने स्वयं मौके पर पहुंचे और उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान खुद संभाली। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना है। यह समय राजनीति का नहीं बल्कि उन परिवारों के साथ खड़े होने का है जिन्होंने अपनों को खोया है।”