Mumbai मुंबई के नया नगर इलाके में पहलगांव जैसी आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया है। जुबैर नामके एक शख्स ने अस्मिता ग्रैण्ड मेंशन में तैनात हिंदू गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन से उनका धर्म पूछा और फिर धारदार चाकू निकालकर कलमा पढ़ने को कहा। जब वो दोनों गार्ड कलमा नहीं पढ़ सके तो दोनों पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। गिरफ्तार किए गए जुबैर से पूछताछ के बाद एटीएस ने कन्फर्म कर दिया है कि वो आतंकी गिरोह आईएसआईएस से जुड़ा हुआ था।
कौन है जुबैर अंसारी
31 साल जैब जुबैर अंसारी का बैकग्राउंड किसी सामान्य अपराधी जैसा नहीं है। वह अत्यधिक शिक्षित है और उसका लंबा समय विदेश में बीता है। उसका बैक ग्राउंड एक दिन पहले वाशिंगटन के हिल्टन होटल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर हमला करने वाले थॉमस एलन जैसा है। थॉमस एलन भी टीचर है और जुबैर भी ऑन लाइन केमिस्ट्री के कोचिंग देता है।
- शिक्षा: जुबैर केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) में ग्रेजुएट है।
- अमेरिका से वापसी: वह साल 2000 से 2020 तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रहा। साल 2019-20 के आसपास वर्क परमिट खत्म होने और नौकरी न मिलने के कारण उसे भारत वापस लौटना पड़ा।
- ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन: भारत लौटने के बाद वह मुंबई के कुर्ला और वाशी में रहा, फिर 2022 में वह मीरा रोड के नया नगर इलाके में शिफ्ट हो गया। यहाँ वह अकेला रहता था और बच्चों को ऑनलाइन केमिस्ट्री कोचिंग देता था।
- पारिवारिक तनाव: जांच में सामने आया है कि जुबैर की पत्नी अफगानी मूल की है, जो उसे छोड़कर अमेरिका चली गई। इस व्यक्तिगत तनाव ने भी संभवतः उसकी मानसिक स्थिति और विचारधारा को प्रभावित किया।
घटना का विवरण: ‘कलमा’ न पढ़ पाने पर हमला
27 अप्रैल 2026 की तड़के करीब 4 बजे, जुबैर अस्मिता ग्रैंड मेंशन के पास निर्माणाधीन साइट पर पहुँचा। उसने गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन से पास की एक मस्जिद का पता पूछा। जब गार्डों ने अनभिज्ञता जताई, तो उसने उनका धर्म पूछा।
आरोपी ने उन पर ‘कलमा’ पढ़ने का दबाव बनाया। जब वे ऐसा नहीं कर सके, तो जुबैर ने जेब से धारदार चाकू निकालकर उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसे महज डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
एटीएस की जांच और बरामदगी
जब महाराष्ट्र एटीएस ने जुबैर के घर (स्मिता रीजेंसी बिल्डिंग) की तलाशी ली, तो वहां से कुछ बेहद संदेहास्पद चीजें मिलीं:
- हाथ से लिखे नोट्स: पुलिस को जुबैर के लिखे नोट्स मिले हैं, जिसमें उसने इस हमले को आतंकी संगठन में शामिल होने का पहला कदम बताया है।
- यह ठीक वैसा ही है जैसा एलन के कंप्यूटर और डायरी में आईएसआईएस के जुड़े नोट्स मिले हैं।
- ISIS कनेक्शन: उसके पास से ‘लोन वुल्फ’ (अकेले दम पर हमला करना) और इस्लामिक स्टेट (ISIS) से संबंधित साहित्य और डिजिटल सामग्री मिली है।
- गैजेट्स की जांच: एटीएस उसके लैपटॉप और मोबाइल के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि वह सीमा पार किसी हैंडलर के संपर्क में था या नहीं।
इलाके में तनाव
इस घटना के बाद मीरा-भायंदर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घायल गार्ड राजकुमार मिश्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। एटीएस अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि क्या जुबैर किसी बड़े स्लीपर सेल का हिस्सा है या वह खुद से रेडिकलाइज होकर इस तरह के ‘लोन वुल्फ’ हमलों की योजना बना रहा था।
जांच एजेंसियां जुबैर के मोबाइल फोन, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने यह हमला अकेले किया या उसे कहीं से निर्देश मिल रहे थे।
इस घटना के बाद मुंबई में एक धर्म विशेष के लोगों के प्रति लोगों में बदले की भावना विकसित न हो इसलिए जुबैर से हुई पूछताछ की जानकारी को गोपनीय रखा जा रहा है।