Sikkim @50: गंगटोक के मैदान से दुनिया को संदेश, देखें पीएम मोदी की तस्वीरें

Sikkim @50: गंगटोक के मैदान से दुनिया को संदेश, देखें पीएम मोदी की तस्वीरें

Sikkim @50 सिक्किम की गोल्डन जुबली समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिक्किम पूर्व का स्वर्ग है। उन्होंने प्रकृति प्रेमी सैलानियों से कहा कि वो सिक्किम आएं और यहां दुर्लभ प्राकृतिक दृश्यों का आनंद उठाएं।

पीएम मोदी ने कहा कि पहले सिक्किम के विकास की योजनाएं तो बनतीं थीं लेकिन वो कागजों और फाइलों से आगे कभी नहीं बढ़ीं। अब सिक्किम का विकास धरती पर दिखाई दे रहा है। सिक्किम बहुत जल्दी है भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। उन्होंने पर्यटकों से यह भी आग्रह किया जब भी वो सिक्किम आएं तो यहां के लोकल प्रॉडक्ट्स खरीदें और उन्हें सोवेनियर के तौर पर अपने साथ ले जाएं। यहां के स्थानीय भोजन करें और यहां की संस्कृति को प्रोत्साहन दें।

पीएम मोदी  का दो दिवसीय सिक्किम दौरा न केवल सामरिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके मानवीय पहलुओं ने भी देश का ध्यान खींचा है। सिक्किम के स्थापना दिवस की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) के समापन समारोह में भाग लेने पहुंचे पीएम मोदी ने आज गंगटोक में कुछ ऐसा किया, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

 फुटबॉल ग्राउंड में पीएम मोदी ने नीली जैकेट में बिखेरा जलवा

गंगटोक की वादियों में जब प्रधानमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तो उन्होंने स्थानीय पालजोर स्टेडियम के पास बच्चों को फुटबॉल खेलते देखा। पीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रखा और सीधे मैदान में उतर गए।

हाथ में फुटबॉल थामे और बच्चों के साथ पासिंग करते पीएम मोदी का यह ‘एथलेटिक लुक’ फिटनेस और ‘खेलो इंडिया’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीता-जागता उदाहरण बन गया। उन्होंने बच्चों से कहा, मैदान पर बहाया गया पसीना ही कल के भारत की नींव को और अधिक मजबूत करेगा।

Sikkim @50, PM Modi
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खास है पीएम मोदी का यह सिक्किम दौरा            

सिक्किम 1975 में भारत का 22वां राज्य बना था। वर्ष 2026 इस ऐतिहासिक घटना का 50वां वर्ष (गोल्डन जुबली) है। पीएम मोदी इस मील के पत्थर को यादगार बनाने के लिए यहाँ पहुँचे हैं। उनके इस दौरे के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • 4,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स: पीएम मोदी ने सिक्किम के बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य को नई दिशा देने के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
  • स्वर्ण जयंती मैत्री मंजरी पार्क: गंगटोक में एक विश्वस्तरीय ‘ऑर्किडेरियम’ (Orchidarium) का उद्घाटन किया गया, जो सिक्किम की जैव-विविधता और फूलों की विरासत को दुनिया के सामने रखेगा।
  • कनेक्टिविटी को धार: तीस्ता नदी पर दो महत्वपूर्ण डबल-लेन स्टील आर्च ब्रिज (सरवानी और लोअर समदोंग) की आधारशिला रखी गई, जो सामरिक रूप से चीन सीमा के करीब होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी क्रांति

पीएम मोदी ने केवल ईंट-पत्थर के ढांचे ही नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के लिए संस्थानों की भी सौगात दी है-

  • सिक्किम विश्वविद्यालय: यांगांग में सिक्किम विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का उद्घाटन।
  • मेडिकल कॉलेज: हेलन लेपचा मेडिकल कॉलेज और डेंटम प्रोफेशनल कॉलेज के रूप में राज्य को नई चिकित्सा सुविधाएं मिलीं।
  • आयुष का विस्तार: नामची के यांगांग में 100 बिस्तरों वाले आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखी गई।

Look East से आगे बढ़कर Act East

केंद्र सरकार ‘Look East’ से आगे बढ़कर ‘Act East’ की नीति पर काम कर रही है। गंगटोक में पीएम मोदी का बच्चों के साथ फुटबॉल खेलना और स्थानीय लोगों से घुलना-मिलना यह संदेश देता है कि दिल्ली और गंगटोक की दूरी अब केवल भौगोलिक है, मानसिक नहीं।

सामरिक महत्व और विकास का संतुलन

सिक्किम की सीमाएं चीन के साथ लगती हैं। ऐसे में तीस्ता नदी पर पुलों का निर्माण और सड़कों का अपग्रेडेशन न केवल स्थानीय लोगों के लिए व्यापार सुगम बनाएगा, बल्कि भारतीय सेना की आवाजाही को भी तेज़ करेगा। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सिक्किम का विकास भारत की अखंडता और सुरक्षा का कवच है।