BREAKING NEWS अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अरमानों पर पानी फिर गया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान का दौरा पूरा कर ओमान के लिए रवाना हो गए हैं, ARY News की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ सीधे तौर पर कोई वार्ता नहीं की। अराघची की इस्लामाबाद यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ परामर्श करना था, न कि अमेरिकी दूतों से मिलना था। इस बारे में ईरानी विदेश मंत्रालयके प्रवक्ता तड़के ट्विटर पर स्पष्ट कर दिया था कि अराघची जंग रोकने के लिए किसी मुद्दे पर बातचीत के लिए इस्लामाबाद नहीं पहुंचें हैं। उनकी अमेरिकी प्रतिनिधिमण्डल से वार्ता की कोई योजना नहीं हैं।
ओमान से यात्रा के बाद अराघची अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मास्को पहुंचेंगे।

ओमान रवाना होने से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की आक्रामक जंग में हालिया संघर्ष-विराम (सीज़फायर) से जुड़े घटनाक्रमों पर तेहरान के रुख के बारे में जानकारी दी, और साथ ही द्विपक्षीय संबंधों तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के इस दृढ़ संकल्प को रेखांकित किया कि वे द्विपक्षीय संबंधों को लगातार मज़बूत करते रहेंगे और बहुपक्षीय स्तरों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के भीतर सहयोग का विस्तार करेंगे।
शरीफ़ ने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि यह सिलसिला दोनों पड़ोसी मुस्लिम राष्ट्रों के साझा हितों के अनुरूप मज़बूती से आगे बढ़ता रहेगा।
अपनी ओर से, अराकघची ने इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मोजतबा खामेनेई और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान द्वारा पड़ोसी देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान के साथ व्यापक संबंधों का विस्तार करने पर दिए गए ज़ोर का उल्लेख किया।
अराघची ने ईरान की विदेश नीति में पाकिस्तान के विशेष स्थान को रेखांकित किया और दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक विकसित करने के तेहरान के संकल्प को दोहराया।
अराक़ची ने संघर्ष-विराम और थोपी गई इस जंग को पूरी तरह से समाप्त करने से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के संबंध में ईरान के सैद्धांतिक रुख को स्पष्ट किया।
उन्होंने फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली शासन द्वारा लगातार किए जा रहे अपराधों और लेबनान की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के बार-बार किए जा रहे उल्लंघनों का ज़िक्र किया। साथ ही, फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन में पाकिस्तानी सरकार और जनता के रुख की, तथा लेबनान में संघर्ष-विराम की सहमति को लागू करने के इस्लामाबाद के प्रयासों की सराहना की।