North Tech Symposium ऑपरेशन सिंदूर में दिखा भारत में बने हथियारों का जलवा-संजय सेठ

North Tech Symposium ऑपरेशन सिंदूर में दिखा भारत में बने हथियारों का जलवा-संजय सेठ

North Tech Symposium रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा है कि भारत की सैन्य शक्ति हमारे रक्षा उद्योगों के कारखानों में विकसित की गई है। वो प्रयागराज में दो दिवसीय संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे।  उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय रक्षा बलों के अद्वितीय साहस और दृढ़ संकल्प को दिया जिसे स्वदेशी रूप से विकसित प्रभावशाली अत्याधुनिक हथियारों और प्रणालियों ने और भी मजबूत बनाया।

स्टार्टअप्स प्रेरक शक्ति 

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि “हमारे स्टार्टअप्स और एमएसएमई भविष्य में होने वाले विकास की प्रेरक शक्ति हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे हमारे युग के विश्वकर्मा हैं।”

आत्मनिर्भरता के संकल्प का प्रमाण

North Tech Symposium में रक्षा राज्य मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकवादियों के छिपने के अड्डों को नष्ट करके भारत के शत्रुओं की कुटिल योजनाओं को नाकाम करने के लिए रक्षा बलों की सराहना की । उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित उपकरणों का प्रभावशाली उपयोग पूरे देश में सरकार, रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र विशेष रूप से नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की ओर से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के संकल्प का प्रमाण है।

नया भारत किसी पर बुरी नजर नहीं रखता

रक्षा राज्य मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन और रक्षा संबधी निर्यात के आंकड़े उस नए भारत के उदय का प्रमाण हैं जो राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने में विश्वास रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि “यह नया भारत किसी पर बुरी नजर नहीं रखता और न ही किसी के द्वारा अपनी संप्रभुता को खतरा पहुंचाने का प्रयास करने पर आंखें फेर लेता है।”

नवाचार को सरकार का सतत समर्थन

रक्षा राज्य मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि आज उपयोग में लाई जा रही तकनीक कल बेकार हो सकती है और इसके संबंध में उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उद्योग जगत से लीक से हटकर सोचते हुए तकनीकी प्रगति में अग्रणी बने रहने का आग्रह किया। उन्होंने देश के रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नवाचार एक सतत प्रक्रिया है और सरकार की ओर से इस सिलसिले में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रक्षा औद्योगिक गलियारे के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार किया और उद्योग जगत से विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया।

रक्षाबलों के साथ मिलकर काम करें निजी उद्योग

केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने इस अवसर North Tech Symposium में  उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे उभरते क्षेत्रों में परिचालन संबंधी वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने और भारतीय सेना को भविष्य के लिए तैयार बल बनाने में योगदान देने के लिए रक्षा बलों के साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से रणनीतिक स्वायत्तता, तकनीकी संप्रभुता और परिचालन के अनुकूल क्षमता प्राप्त होगी।

इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित सत्र में उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, प्रथम कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) के अध्यक्ष श्री अरुण टी रामचंदानी, उद्योग जगत के दिग्गजों, नवप्रवर्तकों, स्टार्ट-अप और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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