Bijnor विकास कार्यों में भ्रष्टाचार- ‘सियासत या हकीकत’ जांच की मांग

Bijnor विकास कार्यों में भ्रष्टाचार- ‘सियासत या हकीकत’ जांच की मांग

जनपद बिजनौर (Bijnor) के ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत भागैन में कराए गए विकास कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर ग्राम प्रधान पर गंभीर अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

रकम कहाँ खर्च हुई, किसी के पास हिसाब-किताब नहीं

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ग्राम प्रधान द्वारा विभिन्न मदों में भारी धनराशि निकाली गई, लेकिन कई कार्य धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक लगभग 2 करोड़ 22 लाख 86 हजार 876 रुपये की धनराशि निकाली गई है, जिसका सही हिसाब-किताब ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं है।

जांच अधिकारी पर पक्षपात का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में की गई शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे। 24 अप्रैल 2026 को संबंधित अधिकारियों की टीम गांव पहुंची, लेकिन आरोप है कि जांच अधूरी रही और सभी कार्यों का सत्यापन नहीं किया गया। साथ ही जांच अधिकारी पर पक्षपात का आरोप भी लगाया गया है।

अधूरे पड़े हैं विकास कार्य

इसी क्रम में रविवार को मीडिया टीम पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई हिस्सों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। कई सड़कों का निर्माण अधूरा है, जबकि कुछ जगहों पर घटिया सामग्री के उपयोग के कारण सड़कें एक वर्ष भी नहीं टिक पाईं।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में तालाब का सौंदर्यीकरण अब तक नहीं कराया गया है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या बढ़ गई है। कुछ स्थानों पर सड़क किनारे नालियां (चैनर) नहीं बनाई गई हैं, जिससे पानी सड़कों पर बहता है और आवागमन में दिक्कत होती है।

खंडहर बना है पुराना पंचायत घर

इसके अलावा पुराना पंचायत घर जर्जर हालत में खंडहर बना हुआ है, जबकि नए पंचायत भवन के स्थान पर बनी धर्मशाला में प्रधान के बैठने की बात सामने आई। कई शौचालयों पर ताले लगे मिले, जिससे उनके उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों ने यह भी माना कि गांव में कुछ स्थानों पर विकास कार्य हुए हैं, लेकिन जहां समस्याएं हैं, वहां जल्द समाधान की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

मीडिया टीम ने ग्राम प्रधान से संपर्क किया तो ग्राम प्रधान ने फोन नहीं उठाया और कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया ग्राम प्रधान का  कहना है की जोआरोप ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए हैं वह मुझे परेशान करने के लिए लगाये जा रहे हैं मामला राजनीतिक प्रेरित है। (बिजनौर से रविंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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