Punjab Dual Blast अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों के पीछे एक बार फिर पंजाब को डिस्टर्ब करने की साजिश बताई जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर की पूर्व संध्या पर पंजबा में धमाकों के पीछे पाकिस्तानी आईएसआई के हाथ की आशंका जताई जा रही है। धमाकों की जांच के लिए एनआईए की टीम दोनों घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और जांच शुरू कर दी है। अभी कुछ दिन पहले पटियाला में रेलवे ट्रैक को उड़ाने की कोशिश की गई थी।
बहरहाल, पंजाब की शांतिपूर्ण रातें एक बार फिर दहशत की भेंट चढ़ गईं। 5 मई 2026 की देर शाम को जालंधर के बीएसएफ मुख्यालय के बाहर पहला जोरदार धमाका हुआ, और मात्र तीन घंटों बाद अमृतसर के आर्मी कैंप के निकट दूसरा विस्फोट। इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय निवासियों में भय पैदा कर दिया, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। सौभाग्य से दोनों धमाकों में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इनकी तीव्रता, समय और संवेदनशील स्थानों का चयन किसी सुनियोजित साजिश की ओर स्पष्ट इशारा कर रहा है। पंजाब पुलिस, बीएसएफ, आर्मी और एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसियां अब हर संभावित एंगल से जांच में जुट गई हैं। क्या यह पाक परस्त आतंकी तत्वों की करतूत है? या फिर कोई स्थानीय सुरक्षा चूक? इन सवालों के जवाब तलाश किया जा रहा है।
स्कूटी ब्लास्ट ने खोली सुरक्षा की पोल
सबसे पहले जालंधर कैंट क्षेत्र में शाम सवा आठ बजे हड़कंप मच गया। बीएसएफ मुख्यालय के मुख्य गेट के ठीक बगल में पार्किंग स्टैंड पर खड़ी एक होंडा एक्टिवा स्कूटी में अचानक आग लगी और उसके बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज आसपास के इलाकों में गूंज उठी, स्कूटी के पुर्जे 50 मीटर दूर तक बिखर गए। स्थानीय लोग दहशत में इधर-उधर भागे, जबकि बीएसएफ जवान और पंजाब पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने तुरंत इलाके को घेर लिया।
फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय की थी स्कूटी
यह स्कूटी फ्लिपकार्ट के एक लोकल डिलीवरी बॉय की थी, जो कुछ ही मिनट पहले एक पार्सल डिलीवर करने बीएसएफ गेट पर पहुंचा था। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया, “पेट्रोलिंग टीम मौके पर मौजूद थी। स्कूटी में पहले आग की लपटें दिखीं, उसके बाद विस्फोट हुआ। डिलीवरी बॉय और स्कूटी मालिक को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पार्सल में विस्फोटक पदार्थ होने की प्रबल आशंका है।”
जालंधर धमाके में आईईडी का इस्तेमाल
धमाके की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम, डॉग स्क्वॉड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने मौके से साक्ष्य संग्रहित किए। पूरा इलाका सील कर दिया गया, और बीएसएफ अधिकारियों के साथ खुफिया जानकारी साझा की गई। डिलीवरी बॉय की आपराधिक पृष्ठभूमि, पार्सल का ट्रैकिंग डेटा और स्कूटी का मूवमेंट CCTV फुटेज से चेक किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल होने का शक है।
आर्मी कैंप के बाहर दहशत
जालंधर के धमाके की खबर अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच अमृतसर के खासा इलाके में दूसरा विस्फोट हो गया। आर्मी कैंप के मुख्य गेट के बाहर खड़ी एक बाइक या स्कूटर में ब्लास्ट की आवाज 1.5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास की इमारतों की दीवारें कांप उठीं, और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण एसपी आदित्य वारियर ने बताया, “धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट शक्तिशाली था। फॉरेंसिक टीमें हर तरह के सबूत जुटा रही हैं। हर संभावित कोण से जांच की जा रही है।”
क्विक एक्शन टीम
सेना के जवानों ने तत्काल रिएक्शन टीम तैनात की, जबकि पंजाब पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। एक बाइक सवार संदिग्ध व्यक्ति को फरार होते देखा गया, जिसकी तलाश में ड्रोन और CCTV की मदद ली जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में फिर आईईडी का जिक्र है, जो टाइमर या रिमोट से सक्रिय हुआ हो। आसपास के स्कूल, बाजार और आवासीय क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।
#WATCH | Amritsar, Punjab: On incidents of explosion in Amritsar & Jalandhar, Punjab DGP Gaurav Yadav says, "Today I visited Amritsar. Yesterday, a low-intensity explosion took place in the army area. I visited that crime scene… A low-intensity explosion was reported from the… pic.twitter.com/zYFcN1aYH5
— ANI (@ANI) May 6, 2026
आतंकी साजिश का एंगल
हालांकि इन दोनों में धमाकों में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन समय (शाम से रात) और जगह (बीएसएफ व आर्मी कैंप) संवेदनशील होने से साजिश का डर गहरा गया है। पंजाब पुलिस प्राथमिक जांच एजेंसी है, लेकिन एनआईए भी जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। खालिस्तानी उग्रवादियों या पाकिस्तान की आईएसआई के हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि दोनों जगह सैन्य प्रतिष्ठान लक्ष्य बने।
राज्यव्यापी हाई अलर्ट जारी, बॉर्डर पर सतर्कता
पिछले कुछ महीनों में पटियाला, चंडीगढ़ बीजेपी ऑफिस, अमृतसर पुलिस स्टेशन जैसे ब्लास्ट्स हो चुके हैं, जहां एनआईए ने खालिस्तानी कनेक्शन पकड़ा। इन घटनाओं ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहयोग मांगा, और डीजीपी ने शांति बनाए रखने की अपील की।
पंजाब में ब्लास्ट्स का इतिहास और सबक
पंजाब लंबे समय से आतंकवाद की चपेट में रहा है। 1980-90 के दशक में खालिस्तान आंदोलन के दौरान सैकड़ों ब्लास्ट्स हुए। हाल के वर्षों में फिर उभरे- लुधियाना रेलवे स्टेशन (2023), चंडीगढ़ ग्रेनेड (2024), बठिंडा ब्लास्ट (2025)। एनआईए ने कई मामलों में सफलता पाई, जैसे चंडीगढ़ केस में 5 गिरफ्तार। लेकिन ये नए धमाके दिखाते हैं कि खतरा बरकरार है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन धमाकों को सियासी एंगल दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के इस मुद्दे को भी सियासत से जोड़ते हुए कहा कि ये धमाके बीजेपी की देन है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह लोग यहां भी दहशत फैला कर वोट हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने बीजेपी पर फिरकापरस्ती का आरोप लगाते हुए कहा ऐेसे छोटे-मोटे ब्लास्ट कराकर बीजेपी पंजाब के वोटर्स को डराना चाहती है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा अपनी इस ओछी हरकत से बाज आओ।
#WATCH | Anandpur Sahib | On incidents of explosion in Amritsar & Jalandhar, Punjab CM Bhagwant Mann says, "Investigation is underway into these minor blasts. This is the BJP's preparation for the Punjab elections. BJP gets votes by spreading violence and fear among people. I… pic.twitter.com/e23EVt0knq
— ANI (@ANI) May 6, 2026