Grave Betrayal बरेली के सुभाषनगर इलाके में भरोसे और रिश्तों को झकझोर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। उम्र के आखिरी पड़ाव पर धर्म-कर्म में लीन रहने वाली 65 वर्षीय शारदा यादव की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनके ही मुंहबोले बेटे वरुण पाराशरी ने कर दी। जिस बेटे को वह अपने सगे बेटों से बढ़कर मानती थीं, उसी ने संपत्ति के लालच में उनका जीवन छीन लिया।
मुंह बोला बेटा बनाना पड़ गया भारी
शारदा यादव का परिवार संपन्न और व्यवस्थित था। उनके पति एलआईयू के सेवानिवृत्त दरोगा गजराज सिंह हैं और तीन बेटे हैं, जिनमें एक मुरादाबाद में शिक्षक, दूसरा निजी नौकरी में और तीसरा पढ़ाई कर रहा है। अक्तूबर 2025 में नगर निगम में टैक्स जमा करने के दौरान शारदा की मुलाकात वरुण पाराशरी से हुई थी। एक रिश्तेदार ने उसे परिवार के काम का भरोसेमंद व्यक्ति बताकर मिलवाया। धीरे-धीरे वरुण घर में घुल-मिल गया। वह शारदा को ‘मम्मी’ कहकर बुलाता और उनकी देखभाल करता। शारदा भी उसे अपने चौथे बेटे जैसा स्नेह देने लगीं, यहां तक कि कई बार अपने सगे बेटों की तुलना में वरुण की तारीफ कर देती थीं।

मंदिर ले जाने का बहाने कर दिया कत्ल
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वरुण अक्सर शारदा को मंदिर और सत्संग के बहाने बाहर ले जाता था। घटना वाले दिन भी उसने ‘बांके बिहारी मंदिर’ घुमाने का बहाना बनाया। परिवार की नाराजगी से बचने के लिए शारदा बैंक जाने की बात कहकर घर से निकलीं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। वरुण ने सुनियोजित तरीके से कार में ही उनकी हत्या कर दी और शव को पीलीभीत जिले के जहानाबाद इलाके में झाड़ियों में छिपा दिया।
सीडीआर और सीसीटीवी से खुला राज
दो मई को शारदा के लापता होने के बाद परिवार ने रिश्तेदारों में तलाश शुरू की। जब कोई सुराग नहीं मिला तो सुभाषनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच शुरू की। जांच में शारदा का फोन पुलिस लाइन के पास बंद होना मिला और कॉल डिटेल में वरुण का नंबर सामने आया। शक गहराने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती करने पर वह टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली।
कार में खून के धब्बे और आला कत्ल
एसओजी टीम ने वरुण की कार की तलाशी ली, जिसमें खून के निशान मिले। साथ ही टायर बदलने वाला पाना बरामद हुआ, जिससे हत्या की गई थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जहानाबाद से शारदा का शव बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि शारदा करीब ढाई लाख रुपये के जेवर पहनकर घर से निकली थीं, जो अभी तक बरामद नहीं हुए हैं।
संपत्ति के लालच में की निर्मम हत्या
पुलिस के अनुसार, वरुण को उम्मीद थी कि शारदा उसे अपनी संपत्ति में चौथा हिस्सा देंगी, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उसने लालच में आकर इस जघन्य अपराध को अंजामदिया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि आरोपी ने मां-बेटे के रिश्ते का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।