Delhi Police दिल्ली पुलिस ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान और तुर्की की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। बेहद सॉफिस्टिकेटेड तरीके से चलाए गए ऑपरेशन के दौरान एनआईए और दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गैंग उत्तर भारत के गैंगस्टरों और खासतौर से देश विरोधी तत्वों छिपे हुए आतंकियों को मिलिटरी ग्रेड के हथियार सप्लाई कर रहा था। इस ऑपरेशन में अब तक इस इंटरनेशनल गैंग के 15 से अधिक सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं। इन लोगों के पास से कई विदेशी पिस्टल तथा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस इंटरनेशनल गैंग के तार बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, तुर्की, ब्राजील, जर्मनी और चेक गणराज्य तक फैले हुए हैं।
जानकारी मिली है कि इस गैंग की कमान शाहबाज अंसारी नाम के आतंकी और आर्म स्मगलर के हाथों में थी। शहबाज बांग्लादेश से पूरा ऑपरेशन चला रहा है। शहबाज का चाचा रेहान अंसारी भी इस पूरे सिस्टम का अहम हिस्सा हैं। शहबाज और उसका पूरा परिवार इस अवैध धंधे में लिप्त है। यह इस गिरोह तुर्की, ब्राजील, जर्मनी, चेक गणराज्य और अन्य देशों से मिलिटरी ग्रेड वाले हथियार स्मगल करवा कर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार के गैंगस्टरों तक और उनके मार्फत आईएसआई के गुर्गों-आतंकी स्लीपर सेल्स तक पहुंचा रहे थे।
इस गैंग का पर्दाफाश मार्च 2026 में उस वक्त हुआ जब दिल्ली पुलिस को एक सफेद स्कूटर से स्मगल किए गए विदेशी हथियार बरामद हुए थे। हालांकि, इस गैंग से जुड़ा शाहबाज अंसारी पहले गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन सर्जरी के बहाने जमानत लेकर बांग्लादेश भाग निकला। उसके बाद उसके चचेरे भाई राहिल अंसारी समेत अन्य सदस्यों को हथियार तस्करी के आरोप में दबोचा गया। इन्वेस्टिगेशन से पता चला कि बांगलादेश का अंसारी खानदान आईएसआई के लिए इस धंधे को चला रहा था। आईएसआई का मकसद भारत में आतंक और अपराध बढ़ाकर भारत में अस्थिरता फैलाने की साजिश को अंजाम देना था।
इस गिरोह के सप्लाई किए हथियार केवल साधारण अपराधों तक सीमित नहीं थे। कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल घटनाओं में इन विदेशी हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, जिनमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी शामिल है। शाहबाज अंसारी पर पहले भी सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोप लग चुका है। इसके अलावा अतीक अहमद और बाबा सिद्दीकी जैसी हत्याओं में भी विदेशी हथियारों के इस्तेमाल की खबरें सामने आ चुकी हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीम ने सूचना-आधारित कार्रवाई करते हुए इस सॉफिस्टिकेटेड नेटवर्क को तोड़ा। गिरोह नेपाल बॉर्डर के रास्ते हथियार भारत भेजता था और फिर सड़क मार्ग से उन्हें विभिन्न गैंगों तक पहुंचाता था। बरामद हथियारों में बेरेटा (इटली), तौरस (ब्राजील), वॉल्टर (जर्मनी), सीजेड शैडो (चेक), स्टोएजर और टर्किश पिस्तौलें शामिल हैं।
(Input Courtesy: @Resonant_News)
