Cyber Security डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में शुक्रवार को एक विशेष पहल की गई। जीआरपी थाना गाडरवारा और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन परिसर में वृहद ‘साइबर जागरूकता अभियान’ (Cyber Security) का संचालन किया।
डिजिटल अरेस्ट
अभियान के दौरान जीआरपी टीम ने स्टेशन पर मौजूद छात्र-छात्राओं, महिला यात्रियों और आम नागरिकों को वर्तमान में चल रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के फर्जीवाड़े के बारे में उदाहरण सहित विस्तार से समझाया। टीम ने बताया कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को ‘अरेस्ट’ नहीं करती। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
Https वाली साइटों से ही करें ऑनलाइन शॉपिंग
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हमेशा कठिन पासवर्ड रखें और उसे समय-समय पर बदलते रहें। प्रामाणिक वेबसाइट ऑनलाइन शॉपिंग करते समय सस्ते सामान के लालच में न आएं। केवल उन्हीं वेबसाइट से खरीदारी करें जिनका URL ‘https’ से शुरू होता हो। इसके अलावा अपना ओटीपी (OTP), पिन या कोई भी बैंक संबंधी जानकारी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
हेल्पलाइन नंबर 1930
जीआरपी ने यात्रियों को जानकारी दी कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह तत्काल टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराए। इसके साथ ही यात्रियों को ‘GRP MP HELP APP’ डाउनलोड करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया, जो रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित (Cyber Security) करने में सहायक है। अभियान का संचालन थाना प्रभारी लक्ष्मण झरिया के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में साइबर सेल से प्रधान आरक्षक सागर उपाध्याय, आरक्षक पिंटू पाल एवं जीआरपी थाने का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। टीम ने यात्रियों के सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।
