Corruption पशुपालन में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन

Corruption पशुपालन में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कलेक्टर को ज्ञापन

Corruption पशुपालन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और कर्मचारियों की लापरवाही के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर  को एक ज्ञापन सौंपा है। मीडिया को उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सक, सहायक चिकित्सक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक का समय निर्धारित है और इसके लिए मध्य प्रदेश शासन द्वारा ‘सार्थक ऐप’ भी बनाया गया है।

इसके बावजूद, सैकड़ों कर्मचारी और अधिकारी कार्यस्थल पर आने के बजाय घर बैठे ही अपनी उपस्थिति (अटेंडेंस) दर्ज करा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि विभागीय अधिकारियों (डॉ. प्रफुल्ल मून) को इस बात की पूरी जानकारी होने के बाद भी कर्मचारियों का वेतन नियमित रूप से निकाला जा रहा है, जो कि प्रमुख सचिव के सख्त निर्देशों का सरेआम उल्लंघन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस फर्जीवाड़े से शासन के राजस्व को भारी चूना लगाया जा रहा है, इसलिए उन्होंने कलेक्टर से ‘सार्थक ऐप’ के डेटा की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

 

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