Akal Takhat अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आज श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से विशेष मुलाकात कर शहर के विकास, पर्यावरण संरक्षण और लंबे समय से रुके विकास कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान अमृतसर में बढ़ते प्रदूषण, गंदे नालों, कूड़ा प्रबंधन, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और रुके हुए हाईवे प्रोजेक्ट्स जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि अमृतसर केवल एक शहर नहीं बल्कि देश और दुनिया की आस्था का केंद्र है। यहां हर रोज हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से माथा टेकने पहुंचते हैं, इसलिए शहर की पवित्रता, स्वच्छता और बेहतर बुनियादी ढांचे को बनाए रखना बेहद जरूरी है।

औजला ने विशेष तौर पर शहर से गुजरने वाले गंदे नालों और ड्रेनों से फैल रहे प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन गंदे नालों और डंपिंग ग्राउंड की वजह से पर्यावरण लगातार प्रभावित हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और लगातार कम होती जमीन के कारण पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ता जा रहा है, जिसे समय रहते संभालना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शहर में पेड़ों की लगातार कटाई भी चिंता का विषय है। अमृतसर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को बरकरार रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके लिए प्रशासन, सरकार और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा।
सांसद औजला ने जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अपील करते हुए कहा कि अमृतसर से जुड़े महत्वपूर्ण हाईवे और एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स, जो लंबे समय से रुके हुए हैं, उन्हें जल्द शुरू करवाने के लिए सहयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स केवल विकास के लिए ही नहीं बल्कि श्री हरमंदिर साहिब सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर आने वाली संगतों की सुविधा के लिए भी बेहद जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा तो व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। औजला ने उम्मीद जताई कि इस मामले में किसानों, गांवों और संबंधित संगठनों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित कर समाधान निकाला जा सकता है।
धार्मिक मर्यादा और शहर की सांस्कृतिक पहचान पर बोलते हुए गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि अमृतसर की पवित्रता और भाईचारे के स्वरूप को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुरु घरों से जुड़े मुद्दों पर बुद्धिजीवियों और धार्मिक विद्वानों की सलाह के साथ आगे बढ़ा जाएगा, ताकि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और आपसी सौहार्द बना रहे।
एक विशेष धार्मिक एकत्रीकरण को लेकर पूछे गए सवाल पर औजला ने स्पष्ट किया कि उनकी उसमें कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है और न ही उन्हें कोई औपचारिक निमंत्रण मिला है। उन्होंने कहा कि उनकी यह मुलाकात केवल शहर के विकास, पर्यावरण और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के उद्देश्य से थी।