The Great Thuggs वारासिवनी के शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ वारासिवनी पुलिस ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। गिरोह के मुख्य सरगना प्रीतम डहरवाल की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने उसके एक और साथी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी का नाम रविशंकर कबीरे हैं, जो लांजी क्षेत्र का निवासी है और शासकीय महाविद्यालय वारासिवनी में आऊटसोर्स कर्मी के रुप में कार्यरत है।
सबूत मिलने पर पुलिस ने किया गिरफ्तार
शिकायतकर्ता पीयूष राऊत ने अपनी शिकायत में प्रीतम लाल डहरवाल के साथ ही रविशंकर कबीरे का नाम भी प्रमुखता से लिखा था। पीयूष राऊत ने शिकायत में नौकरी दिलवाने का लालच देने, प्रीतम डहरवाल से मिलवाने और राशि के लेन देन में रविशंकर कबीरे की प्रमुख भूमिका होने का आरोप लगाया गया था। जिस पर पुलिस द्वारा रविशंकर कबीरे पर लगाए गए आरोपों की जांच की गई और उसके फोन पे नंबर पर ट्रांसफर की गई रकम, अन्य तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर रविशंकर कबीरे की संलिप्तता की पुष्टि की और उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
रिमांड मिल गया है पुलिस सब उगलवा लेगी
पुलिस ने पीयूष राऊत की शिकार्यंत के बाद प्रीतम लाल डहरवाल के खिलाफ अपराध क्रमांक 181/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318/4 और 3, 5 के तहत मामला दर्ज किया है। अब इस मामले में रविशंकर पिता माखनलाल कबीरे उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम सिहारी थाना लांजी को गिरफ्तार कर वारासिवनी पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पुलिस ने पूछताछ के लिए 8 मई तक रिमांड पर लिया है। प्रीतमलाल डहरवाल भी 8 मई तक पुलिस रिमांड पर है। दोनों को ही 8 मई को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
क्रॉस इन्वेस्टिगेशन से आएगा झूठ पकड़ में
वारासिवनी पुलिस अब दोनों आरोपियों को आमने सामने बिठाकर पूछताछ कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं और ठगी का शिकार हुए पीडि़तों की संख्या बढ़ सकती है। रिमांड के दौरान ठगी गई राशि की बरामदगी और डिजिटल ट्रांजेक्शन के अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।