North Tech Symposium उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा, शांति और समृद्धि के लिए ताकत और क्षमता ज़रूरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम के तीसरे दिन आखिरी सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश की रणनीतिक और रक्षा क्षमताओं को किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विकसित कर रही है।
आत्म निर्भर भारत के लिए सरकार कृत संकल्प
जहां योगी आदित्यनाथ ने निगरानी, संचार और अन्य उभरती तकनीकों में क्षमताएं बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया, वहीं उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार के अटूट संकल्प की सराहना की। उन्होंने महत्वपूर्ण इनपुट और सुरक्षा के लिए बाहरी स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता के खतरों के प्रति आगाह किया, और बताया कि पश्चिम एशिया की स्थिति ऐसी ही कमज़ोरी का एक उदाहरण है। उन्होंने रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति की सराहना की, जिसमें देश 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के छह नोड्स में 35,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के निवेश प्रस्तावों पर काम चल रहा है। उन्होंने राज्य की रक्षा और एयरोस्पेस नीति के ज़रिए उद्योगों को दिए जा रहे प्रोत्साहनों और समर्थन का भी ज़िक्र किया।
यूपी में राइफल से लेकर ब्राह्मोस तक सब बन रहा है
मुख्यमंत्री ने UPDIC में स्थापित किए गए विभिन्न नए उद्योगों के बारे में विस्तार से बताया, जिनमें ब्रह्मोस, सटीक इंजीनियरिंग उपकरण, छोटे हथियार और गोला-बारूद, मिसाइलें, सैन्य वस्त्र और अन्य शामिल हैं। उन्होंने रक्षा बलों और उद्योग को राज्य सरकार की ओर से हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया, ताकि एक ऐसा रक्षा निर्माण कॉरिडोर बनाया जा सके जिसमें युवा और कुशल जनशक्ति, 96 लाख से ज़्यादा MSME का विविध आधार और ज़मीन की उपलब्धता जैसी सुविधाएं मौजूद हों।
विकास का इंजन बन चुका है यूपी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने रक्षा उद्योग के लिए बाज़ार-तैयार और उद्योग-तैयार कार्यबल उपलब्ध कराने के लिए कई पहलें की हैं, जैसे कि ‘सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस’ की स्थापना करना। उन्होंने आगे कहा कि अब इस राज्य में 21,000 से ज़्यादा स्टार्ट-अप हैं। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश ने अब ‘बीमारू राज्य’ होने की अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ दिया है और विकास के एक इंजन के तौर पर अपनी नई पहचान बनाई है।”
आतंक-अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की प्रगति में कानून-व्यवस्था की भूमिका पर खास ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “राज्य में सुशासन के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि ज़मीनी स्तर पर कानून का राज कायम रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि अपराध और आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने की) नीति की वजह से ही उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। कानून का राज स्थापित करने के पक्के इरादे का नतीजा यह हुआ है कि न सिर्फ़ ‘यूपी मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस’ (शासन के यूपी मॉडल) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है, बल्कि अब इस राज्य के पास देश के सबसे बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क में से एक है—जिसमें हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे और संचार के साधन शामिल हैं। राज्य में सुरक्षा-व्यवस्था बेहतर होने की वजह से ही, यूपी सरकार अपनी नीतियों को बिना किसी बाहरी दखल के, तय समय-सीमा के भीतर ज़मीनी स्तर तक लागू कर पा रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्माण कॉरिडोर का विकास, निवेश बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने—इन दोनों ही बातों पर एक साथ ध्यान देने का ही नतीजा है।
North Tech Symposium साझा विचारों का मंच
मुख्यमंत्री ने ‘नॉर्थ टेक सिम्पोज़ियम’ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह न सिर्फ़ उत्पादों को प्रदर्शित करने का, बल्कि नए विचारों को आपस में साझा करने का भी एक बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ विचारों, नवाचार (इनोवेशन) और उन्हें ज़मीनी स्तर पर लागू करने के मेल के लिए एक मंच प्रदान करता है, जो उत्तर प्रदेश में आए बदलावों का प्रतीक है। ‘नॉर्थ टेक सिम्पोज़ियम 2026’ की थीम—’रक्षा त्रिवेणी संगम’—के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन असल में तकनीक, ज्ञान और नवाचार का एक ‘संगम’ है।
तकनीक, ज्ञान और नवाचार का संगम प्रयागराज
प्रयागराज की प्राचीन विरासत को ज्ञान और न्याय का एक पावन स्रोत बताते हुए, श्री योगी आदित्यनाथ ने इस शहर को तकनीक, ज्ञान और नवाचार के संगम के रूप में एक नई पहचान दिलाने में ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ की भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने प्रयागराज में ‘नॉर्थ टेक सिम्पोज़ियम’ का आयोजन करने के लिए भारतीय सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ और ‘नॉर्दर्न कमांड’ का आभार व्यक्त किया।
यूपी बनेगा डिफेंस नॉलेज कॉरिडोर
मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ़ (GOC-in-C), लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने अपने संबोधन में उद्योग, शिक्षा जगत और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग के ‘ट्रिपल हेलिक्स मॉडल’ की सराहना की। लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता ने यह उम्मीद भी जताई कि उत्तर प्रदेश डिफ़ेंस कॉरिडोर एक ‘नॉलेज कॉरिडोर’ (ज्ञान गलियारा) बन जाएगा और नए रक्षा उपकरणों के विकास का एक केंद्र बनेगा।