Bargi Dam हादसा बरगी क्रूज हादसे में 13 लोगों की जान चली गई। घटना हुए 5 दिन बीत चुके है, इसके बाद भी जिला प्रशासन ने दोषियों पर जिम्मेदारी तय नहीं की। लिहाजा अब इस मामले पर कोर्ट ने स्वंत संज्ञान लेते हुए जबलपुर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने पानी में डूब रहे लोगों की जान बचाने वालों की सराहना भी की है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने बरगी क्रूज हादसे को लेकर कहा कि मीडिया के मध्याम से यह विषय संज्ञान में आया है, कि गुरुवार की शाम को बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की जान चली गई है, पर आज तक इस घटना को लेकर किसी पर कानूनी कार्रवाई नहीं है, इतना ही नहीं पुलिस ने अभी तक किसी पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की है।
कोर्ट ने कहा कि 30 अप्रैल 2026 की शाम साढ़े 5 बजे से साढ़े 6 बजे के बीच क्रूज चालक द्रारा उपेक्षापूर्वक चलाया गया, जिस कारण क्रूज डूबने के कारण कई व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। क्रूज चालक स्वंय क्रूज की गतिविधियों से परिचित होकर उसमें बैठे व्यक्तियों को डूबता हुआ छोड़कर सकुशल बच निकला।
उसके द्रारा क्रूज में बैठे लोगों को बचाने हेतु कोई प्रयास न किया जाना धारा 106 भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा धारा 110 आपराधिक मानव वध करने के प्रत्यन को दर्शाता है। मामले पर यदि प्रथम सूचना रिपोर्ट(एफआईआर) दर्ज नहीं की गई है, और अन्वेषण नहीं किया गया है तो भविष्य में क्रूज संचालन या नाव संचालित करने वाले व्यक्ति कोई अनहोनी होने पर अन्य व्यक्तियों को डूबता हुआ छोड़ेगा और इस कार्य की पुर्नावृत्ति होगी।
इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु न्यायालय घटना के समय क्रूच पर मौजूद चालक तथा उन सदस्यों पर एफआईआर दर्ज किए जाने का आदेश स्वत संज्ञान लेकर देता है। कोर्ट ने क्रूज में डूब रहे व्यक्तियों को बचाने वालों की सराहना भी की है। कोर्ट ने जबलपुर पुलिस को निर्देशित किया है, कि उक्त संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय को दो दिवस में सूचित करें और अन्वेषण करें।