Ghaziabad Police ने सूर्या चौहान के क़ातिल असद को पुहंचा दिया ‘बहत्तर हूरों’ के पास- देखें एनकाउंटर की तस्वीरें

Ghaziabad Police ने सूर्या चौहान के क़ातिल असद को पुहंचा दिया ‘बहत्तर हूरों’ के पास- देखें एनकाउंटर की तस्वीरें

Ghaziabad Police ने क़त्ल के मुलजिम असद को उसके असली मुकाम तक पहुंचा दिया। ऐसा सुना जाता है कि असद ‘क़ाफिरों का क़त्ल’ कर जन्नत में बहत्तर हूरों की बुकिंग करवाना चाहता था। इसलिए ईद के दिन असद और उसके साथियों ने सूर्या चौहान को फोन करके बुलाया और फिर पेट में चाकू घोंप कर निर्मम हत्या कर दी। सूर्या की हत्या से क्षेत्र में काफी तनाव फैल गया था। पुलिस पर असद और उसके साथियों को गिरफ्तार करने का दबाव था। मगर असद पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। गाजियाबाद पुलिस ने असद की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित कर दिया था। फिर भी पुलिस को असद का कोई सुराग नहीं मिला।

पैसे लेकर शहर छोड़ने की फिराक में था आरोपी

इसी बीच पुलिस को इत्तला मिली कि  रात में (30 मई की देर रात) आरोपी असद अपने एक दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा कालोनी आने वाला है। असद पैसे का इंतजाम कर यूपी छोड़कर भागने वाला था। सूचना मिलते ही गाजियाबाद पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी। असद पहचान छुपा कर बाइक पर एक अन्य व्यक्ति के साथ खोड़ा कालोनी पहुंचा।   और जाल बिछाया। कुछ ही समय बाद, असद एक अन्य व्यक्ति के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचता दिखाई दिया।

मुठभेड़ की इनसाइड स्टोरी

असद की तलाश में लगी पुलिस की एक टीम ने जब संदिग्धों को रुकने का इशारा किया तो दोनों ने भागने की कोशिश की। पुलिस का संदेह पक्का हो गया कि भागने वाला आरोपी असद ही है। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी मगर उसने भागते समय पुलिस टीम पर अवैध असलहों से ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दीं। आरोपियों की ओर से हुई इस अचानक गोलीबारी में खोड़ा थाने में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हो गया।

पुलिस ने भी आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी कार्रवाई की और जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई कई राउंड की गोलीबारी में मुख्य आरोपी असद को पुलिस की गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया।

पुलिस टीम ने घायल असद को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से आरोपी के कब्जे से एक पिस्तौल और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है।

सूर्या चौहान के कत्ल की कहानी

सूर्या चौहान की हत्या की घटना अत्यंत बर्बर और सुनियोजित थी। दिनाक 28 मई 2026 यानी ईदुलअजहा की शाम जनपद गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र की नवनीत विहार कॉलोनी की एक गली में सूर्या चौहान के पेट में चाकू घोंपा था। पुलिस का बयान है कि करीब 8 महीने पहले सूर्या और असद के बीच किसी बात को लेकर मामूली अनबन हुई थी, जिसे तब परिजनों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था। लेकिन असद मन में रंजिश पाले बैठा रहा।

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Ghaziabad Police ने सूर्या के क़ातिल को पहुंचा दिया 72 हूरों के पास

धोखे से बुला कर हत्याः वारदात वाले दिन सूर्या नौकरी की तलाश करके घर लौट ही था कि तभी आरोपी असद और उसके दोस्तों ने सूर्या को बात करने के बहाने से फोन करके नवनीत विहार की  उस गली में बुलाया जहां घटना को अंजाम दिया गया।

क्रूरता की हद: जैसे ही सूर्या वहां पहुंचा तो असद असद के पिता नवाब और असद के दोस्त फरहान, आतिफ आदि समेत 5-6 लड़कों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। घटना के चश्मदीदों के मुताबिक, सूर्या के पेट में चाकू घोंपने से पहले पहले आरोपियों ने सूर्या से पर पूछा, क्या तुमने कभी बकरा हलाल होते देखा है, आओ चलो हम तुम्हें बकरा हलाल होते हुए दिखाते हैं।

चाकुओं से हमला: बकरा कैसे हलाल करते हैं,  बोलते ही असद के साथियों ने सूर्या को पकड़ा और असद ने सूर्या के पेट में घोंपने के बाद अंतड़ियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद सूर्या को तड़पता हुआ छोड़कर भाग गए।

अस्पताल में मौत: जैसे ही इस घटना की जानकारी सूर्या के घरवालों को मिली तो वो सूर्या को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने सूर्या को बचाने के सारे प्रयासों  किए मगर सूर्या ने दम तोड़ दिया।

सूर्या की हत्या के आरोप में पुलिस असद के पिता नवाब, दोस्त फरहान और आतिफ समेत 3 नामजद आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य हमलावर आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है।

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