DDAI Student Suicide अमृतसर में प्लस टू में पढ़ने वाली स्टूडेंट के सुसाइड मामले में नया मोड़ आया है। पंजाब सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। छात्रा ने स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन के हैरेसमेंट के कारण जहरीली दवा निगल ली थी और बाद में उसकी मौत हो गई थी।
अमृतसर के DDAI Student Suicide केस पर क्या बोली सुसाइड करने वाली छात्रा की मां pic.twitter.com/CvFoULDr9a
— news wala (@NewsWalaOrg) June 3, 2026
पंजाब के एजुकेशन मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा है कि पीड़ित परिवार को पूरा इंसाफ दिलाया जाएगा और मामले में स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर्स के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
मीडिया से बात करते हुए मृतक लड़की की मां ने कहा कि उनकी बेटी एक टैलेंटेड स्टूडेंट थी, जिसने दसवीं क्लास में अच्छे नंबर लाए थे। उन्होंने कहा कि प्लस वन में एडमिशन के बाद उनकी बेटी को स्कूल प्रिंसिपल और कुछ टीचर लगातार मेंटली परेशान करते थे। मां के मुताबिक, उनकी बेटी पर पढ़ाई के अलावा दूसरे कामों का बोझ डाल दिया गया था, जिससे वह बहुत परेशान थी। मृतक लड़की की मां ने कहा कि 22 तारीख को वह अपनी बेटी को स्कूल ले गई थी, जहां स्कूल मैनेजमेंट ने ऐसी बातें कहीं, जिसके बाद उनकी बेटी बहुत मेंटली प्रेशर में आ गई। इसके बाद उसने ज़हरीली दवा खा ली।
परिवार ने पहले उसका इलाज एक प्राइवेट हॉस्पिटल में करवाया, जहां उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन बाद में उसकी तबीयत फिर से बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मां ने यह भी कहा कि घटना के बाद स्कूल के किसी भी अधिकारी ने उनकी बेटी की तबीयत के बारे में पूछना ज़रूरी नहीं समझा। उन्होंने मांग की कि सिर्फ केस करने से समस्या का हल नहीं होगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने स्कूल के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, मामले की जानकारी देते हुए ACP गगनदीप सिंह ने बताया कि सदर पुलिस स्टेशन के तहत फोर्टिस हॉस्पिटल से एक लड़की की ज़हरीली दवा खाने से मौत की रिपोर्ट मिली थी। इसके बाद, पुलिस ने मृतका के पिता के बयानों के आधार पर DDAI स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर्स के खिलाफ IPC की धारा 115 और दूसरी संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और छापेमारी जारी है।
