Audience with the Gavel: न्यायधीशों की रिटायरमेंट पार्टी में ज्यूडिशियरी और जनता के बीच खाई पाटने के सुझाव

Audience with the Gavel: न्यायधीशों की रिटायरमेंट पार्टी में ज्यूडिशियरी और जनता के बीच खाई पाटने के सुझाव

Audience with the Gavel: सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस पंकज मित्तल के जीवन, करियर और न्यायिक यात्रा पर आधारित संस्मरण (मेमॉयर) ऑडिएंस विद द गैवल’ (Audience with the Gavel) का विमोचन किया गया। भारत के सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान इस पुस्तक को रिलीज किया गया।

इस पुस्तक के लेखक कुणाल वेपा हैं, जो वर्तमान में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज हैं और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस किताब में जस्टिस मित्तल के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन का एक बेहद करीबी और दिलचस्प ब्योरा पेश किया है। यह संस्मरण एक अनोखी कथा शैली में लिखा गया है, जो वर्तमान और अतीत के बीच सहजता से तालमेल बिठाते हुए न्यायिक मील के पत्थरों, व्यक्तिगत विचारों और यादगार संस्मरणों को खुद में समेटे हुए है।

न्यायिक सेवा के मानवीय पहलू की अनूठी झलक

‘डायनामाइट न्यूज़’ संवाददाता के अनुसार, यह पुस्तक जस्टिस पंकज मित्तल के शुरुआती दिनों से लेकर उनके कानूनी और न्यायिक करियर के विभिन्न चरणों और फिर सुप्रीम कोर्ट के जज बनने तक के सफर को रेखांकित करती है। यादों और विचारों के अनूठे मिश्रण के माध्यम से, यह संस्मरण पाठकों को भारत के एक प्रतिष्ठित न्यायविद् के जीवन की गहरी समझ देता है और न्यायिक सेवा के मानवीय पहलू की एक दुर्लभ झलक पेश करता है।

सीजेआई जस्टिस सूर्य कांत ने किया विमोचन

इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट के कई मौजूदा न्यायाधीशों की उपस्थिति में किया गया। इस समारोह में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और स्वयं जस्टिस पंकज मित्तल सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में लेखक कुणाल वेपा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

विदाई समारोह के दौरान ऐतिहासिक पल

इस पुस्तक का विमोचन जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस पंकज मित्तल के सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के सम्मान में आयोजित एक अभिनंदन समारोह के दौरान हुआ। इस कार्यक्रम में न्यायपालिका, लीगल फेटरनिटी के सदस्यों और वरिष्ठ संवैधानिक पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिससे यह कानूनी कैलेंडर का एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर बन गया।

समारोह में कानूनी जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना, भारत के अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) के अध्यक्ष के साथ-साथ बड़ी संख्या में जज, वरिष्ठ अधिवक्ता और लीगल प्रोफेशनल्स शामिल थे।

न्यायपालिका और जनता के बीच की दूरी को पाटने का प्रयास

पुस्तक का शीर्षक, ऑडिएंस विद द गैवल’, पाठकों को न्यायपालिका को अंदर से समझने और उन अनुभवों को जानने का अवसर देता है जो एक न्यायाधीश के जीवन और फैसलों को आकार देते हैं। प्रकाशन से जुड़े लोगों के अनुसार, इस संस्मरण का उद्देश्य न्यायिक अनुभवों को सुलभ और आकर्षक तरीके से पेश करके न्यायपालिका और आम जनता के बीच की दूरी को पाटना है।

यह पुस्तक न केवल कानूनी बिरादरी से जुड़े लोगों बल्कि छात्रों, शोधकर्ताओं और भारत की न्यायिक प्रणाली के कामकाज व इसमें सेवा देने वालों के जीवन में रुचि रखने वाले आम पाठकों को भी काफी आकर्षित करेगी। ‘ऑडिएंस विद द गैवल’ का विमोचन समकालीन कानूनी साहित्य में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है, जो जस्टिस पंकज मित्तल के योगदान को संजोने के साथ-साथ भारत की न्यायपालिका के विकास पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

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Rajeev Sharma

Chief Editor & CEO PhD, LLB
Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts

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