Bargi Dam Probe जबलपुर के बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा अब प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही का जीता-जागता सबूत बनता जा रहा है। न्यायिक जांच के दौरान एक ऐसा चौंकाने वाला पत्र सामने आया है, जिसने पूरे मामले का रुख ही बदल दिया।
इस पत्र में साफ लिखा था कि क्रूज का एक इंजन पूरी तरह खराब हो चुका था और दूसरा भी स्टार्ट होने में नखरे दिखा रहा था। यानी मौत के इस सफर की चेतावनी पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे हल्के में लिया। ‘सब ठीक चल रहा है’ के ढर्रे पर क्रूज को लगातार पानी में उतारा जाता रहा और आखिरकार वही हुआ जिसका डर था। अब यह सनसनीखेज दस्तावेज जांच आयोग के हाथ लग चुका है, जिसने सिस्टम की इस भयानक लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है।
Bargi Dam Haadsa की जांच कर रहे रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश टूरिज्म के रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा, मैकल बोट क्लब के मैनेजर और एमपी टूरिज्म के टेक्निकल एक्सपर्ट को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। इससे टेक्निकल एक्सपर्ट के बयान दर्ज किए गए, जबकि बाकी अधिकारियों से भी तीखे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
जांच आयोग अब सिर्फ हादसे की वजह नहीं ढूंढ रहा, बल्कि उस ‘लापरवाह तंत्र’ की रीढ़ तोड़ने की तैयारी में है जिसने शिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया था। जस्टिस द्विवेदी का साफ कहना है कि इस जांच का मकसद न सिर्फ दोषियों को बेनकाब करना है, बल्कि भविष्य के लिए ऐसे कड़े नियम तय करना है ताकि फिर कभी कोई जिंदगी इस तरह दांव पर न लगाई जा सके।
