Bareilly Lekhpal की गिरफ्तारी को लेकर बवाल, बरेली कोतवाली का किया घेराव

Bareilly Lekhpal की गिरफ्तारी को लेकर बवाल, बरेली कोतवाली का किया घेराव

Bareilly Lekhpal बरेली के सदर तहसील में तैनात लेखपाल विपिन पटेल को एंटी करप्शन टीम ने किसान से 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया  है। गिरफ्तारी के बाद तहसील में हड़कंप मच गया। वहीं विपिन पटेल की पत्नी विशेषता गंगवार ने कोतवाली में तहरीर देकर एंटी करप्शन टीम के प्रवीन सान्याल और उनकी टीम पर मारपीट, गाली-गलौज और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।

 पत्नी का आरोप कार्यालय से पकड़कर ले गई टीम, जान का खतरा

विशेषता गंगवार ने बताया कि 26 मई 2026  शाम करीब 5 बजे उनके पति विपिन पटेल तहसील कार्यालय में शासकीय कार्य कर रहे थे। तभी एंटी करप्शन टीम के प्रवीन सान्याल अपनी टीम के साथ कार्यालय में घुसे और विपिन पटेल के साथ मारपीट की। आरोप है कि टीम उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए पकड़कर ले गई। विशेषता ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली से प्रवीन सान्याल व टीम पर जान से मारने की धमकी, आपराधिक षड्यंत्र और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पति और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

लेखपालों ने कोतवाली का किया घेराव

विपिन पटेल की गिरफ्तारी के विरोध में सदर तहसील के सभी लेखपाल लामबंद हो गए। लेखपालों का आरोप है कि विपिन पटेल (Bareilly Lekhpal ) को साजिश के तहत फंसाया गया है। जब एंटी करप्शन टीम विपिन को लेकर कोतवाली पहुंची तो लेखपालों ने थाने का घेराव कर दिया। टीम के जाने के दौरान लेखपालों ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में टीम को रवाना किया। लेखपालों ने न्याय न मिलने पर *बड़े आंदोलन* की चेतावनी दी है।

प्रत्यक्षदर्शी सुरेश चंद्र का दावा- कुर्सी से खींचकर मारा

मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रत्यक्षदर्शी सुरेश चंद्र ने मीडिया के सामने बयान दिया। सुरेश ने बताया कि वह जमीन से जुड़े काम से तहसील गए थे। लेखपाल अपनी कुर्सी पर बैठकर काम कर रहे थे, तभी 5-7 लोग आए और बिना कारण बताए लेखपाल को कुर्सी से खींच लिया। सुरेश का दावा है, _”मैंने अपनी आंखों से देखा कि लेखपाल को जबरदस्ती खींचा गया और मारपीट भी की गई। वहां रिश्वतखोरी जैसी कोई स्थिति नहीं थी, न ही किसी ने पैसे देते देखा।”_

लेखपाल संघ का कहना है कि जबरन दबाव बनाकर और डरा-धमकाकर इसे रिश्वत का मामला दिखाने की कोशिश की गई है। इस प्रकरण के बाद बरेली प्रशासन में हलचल है।

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