Boat Ferry Ride मां नर्मदा नदी के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ग्वारीघाट में प्रशासन और नाविकों के बीच लंबी बातचीत के बाद आखिरकार नौका संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि बरगी क्रूज हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से पिछले 20 दिनों से नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी।
इस पाबंदी के कारण नदी के उस पार बसे करीब 50 गांवों के ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही, सैकड़ों नाविकों के सामने भी रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया था।
सुरक्षा शर्तों के साथ नाव संचालन की अनुमति
प्रशासन ने कुछ बेहद जरूरी और सख्त सुरक्षा शर्तों के साथ ही नौका संचालन की अनुमति दी है। सीमित यात्री संख्या: प्रत्येक नाव में केवल 5 से 6 सवारियों को ही बैठाने की इजाजत होगी सभी यात्रियों और नाविकों के लिए लाइफ जैकेट और सुरक्षा ट्यूब रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
नाविकों ने जताया आभार
नाविकों ने नौका संचालन दोबारा शुरू करने के लिए प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया है। स्थानीय नाविक प्रतिनिधि ने बताया कि 15 जून के बाद मानसून की शुरुआत हो जाएगी, जिसके बाद नदी का पानी मटमैला और बहाव धीमा हो जाता है, जिससे काम वैसे ही प्रभावित होता है। ऐसे में बरसात से पहले मिले इन 4 दिनों में नाविक अपनी कुछ कमाई कर सकेंगे।
निगरानी बढ़ाने की मांग
इसके साथ ही नाविकों ने प्रशासन से अपील की है कि हर बड़े त्योहार या हादसे के बाद नौका संचालन को पूरी तरह बंद करने के बजाय, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को हमेशा चाक-चौबंद रखा जाए ताकि हादसे भी न हों और किसी का रोजगार भी प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ग्वारीघाट में गोताखोरों की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है, और अक्सर डूबते हुए श्रद्धालुओं की जान यही नाविक ही अपनी जान पर खेलकर बचाते हैं। नाविकों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि वे सभी नियमों और निर्देशों का पूरी कड़ाई से पालन करेंगे।