SRN Hospital में अधिवक्ताओं से हुई मारपीट के विरोध में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की सांकेतिक शवयात्रा अंबेडकर चौराहे से सुभाष चौराहे तक निकाली। वकीलों का आरोप है कि प्राचार्य अपने ही 30 मई 2026 के आदेश का अनुपालन नहीं करवा पा रहे हैं और सस्पेंडेड डॉक्टरों के नाम उजागर नहीं कर रहे।
एसआरएन अस्पताल में अधिवक्ताओं के साथ हुई मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बृहस्पति वार को सैकड़ों अधिवक्ताओं ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ अंबेडकर चौराहे से सुभाष चौराहे तक सांकेतिक शवयात्रा निकाली।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव ने कहा कि एसआरएन में वकीलों के साथ मारपीट की गई, लेकिन अभी तक दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं हुई। प्राचार्य ने 30 मई 2026 को आदेश जारी कर डॉक्टरों को सस्पेंड करने की बात कही थी, लेकिन आज तक सस्पेंडेड डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए।
अधिवक्ताओं का कहना है कि प्राचार्य अपने ही आदेश का अनुपालन नहीं करवा पा रहे हैं, इसलिए वे ‘मृतप्राय’ हैं और इसी के विरोध में उनकी सांकेतिक शवयात्रा निकाली जा रही है।
वकीलों ने चेतावनी दी कि जब तक दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और नाम सार्वजनिक नहीं किए जाते, आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान अफरोज ख़ान, रिया ख़ान, आफ़ताब ख़ान, अमित सिंह, के के यादव, रवि सोनकर समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। वकीलों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
