दिल्ली में सजा ‘ज्योतिष महाकुंभ’, परंपरा और विज्ञान का संगम

दिल्ली में सजा ‘ज्योतिष महाकुंभ’, परंपरा और विज्ञान का संगम

Delhi Rashtriya Yyotish Mahakumbh: नई दिल्ली में आयोजित देश के पहले “राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ-एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव” ने परंपरा और आधुनिक सोच के अनूठे मेल को प्रदर्शित किया। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुए इस भव्य आयोजन में देशभर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य, विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां एक मंच पर नजर आईं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि ज्योतिष भारतीय संस्कृति की एक प्राचीन धरोहर है, लेकिन वर्तमान समय में इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनाने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि सही दिशा में उपयोग होने पर यह विद्या समाज को सकारात्मक दिशा दे सकती है।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ज्योतिष को मानव जीवन और ब्रह्मांड के बीच गहरे संबंध का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तेज़ी से बदलते समय में ऐसे मंच पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने भी ज्योतिष शास्त्र को भारतीय वेदों और संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण विद्या बताते हुए इसके सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया।

इस ऐतिहासिक आयोजन में कई प्रतिष्ठित ज्योतिषियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। लाइफ डिजाइनर एवं वास्तु विशेषज्ञ कुणाल कुमार ने ज्योतिष को केवल भविष्यवाणी नहीं, बल्कि जीवन की संभावनाओं को समझने का एक वैज्ञानिक माध्यम बताया।

रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विजय राम रतन ने इस कॉन्क्लेव में ज्योतिष के व्यावसायिक उपयोग पर अपने विचार साझा किए। वहीं, Gem Lab के डायरेक्टर दविंदर सिंह को रत्नों की वैज्ञानिक जांच और प्रमाणन के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ग्राहकों को सही और प्रमाणिक जानकारी देना है।

इसके अलावा, Help U Educational and Charitable Trust के डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल और ALLEN Career Institute के सह-संस्थापक ब्रजेश महेश्वरी को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में डी एच डिस्कवरी इलेक्ट्रॉनिक्स के डायरेक्टर तलविंदर सिंह लाली ने विशेष सहयोग दिया और आध्यात्मिक आयोजनों को नई पहचान देने की बात कही। वहीं, एस्ट्रोज एआई के सीईओ प्रतीक पाण्डेय ने ज्योतिष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला।

महोत्सव में कई प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों, वास्तु विशेषज्ञों, अंक ज्योतिषियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे। साथ ही बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी और उद्योग जगत से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक प्रदीप श्रीवास्तव और फजले गुफरान ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि भविष्य में इस महाकुंभ का आयोजन देश के अन्य शहरों में भी किया जाएगा, जिससे ज्योतिष और भारतीय परंपराओं को और व्यापक पहचान मिल सके।

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