CBI Investigation मध्य प्रदेश के सीएम एंव गृहमंत्री मोहन यादव ने ट्विशा मौत की जांच सीबीआई को सौंप दी है। ट्विशा के माता-पिता इसे सोची-समझी साजिश के तहत हत्या बता रहे थे। जबकि ट्विशा के ससुराल वाले इसे सुसाइड बता रहे थे। भोपाल पुलिस ने भी ट्विशा की मौत को आत्महत्या ही बताया है। हालांकि ट्विशा के माता-पिता की शियाकयत पर पुलिस ने ट्विशा के पति सुहित ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ट्विशा के पति समर्थ सिंह फरार है। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ईनाम का ऐलान भी कर दिया है।
दरअसल, ट्विशा शर्मा के परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर पूर्व आर्मी अधिकारियों के साथ ट्विशा के परिजनों ने सीएम मोहन यादव से मुलाकात की थी। साथ ही सीबीआई जांच की मांग की थी। परिजनों के अनुरोध पर सीएम मोहन यादव ने मदद का भरोसा दिया था। अब सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। एमपी सरकार के गृह विभाग ने इसे लेकर सीबीआई को अनुरोध पत्र भेज दिया है।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई को हुई थी। 13 मई को पोस्टमार्टम हो गया है लेकिन परिजनों ने शव नहीं लिया है। परिजनों का कहना है कि उसकी हत्या हुई है। साथ ही मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। परिजनों ने मांग की थी कि उसके शव का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए। लेकिन भोपाल कोर्ट ने इस याचिका को ठुकरा दिया है। इसके बाद ट्विशा के परिजनों ने हाईकोर्ट का रूख दिया है। वहीं, पति समर्थ सिंह अभी फरार चल रहा है।
इस मामले में राज्य के गृह विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। इस अधिसूचना के मुताबिक, 12 मई को बाग मुगालिया एक्सटेंशन कटारा हिल्स में हुई मौत का जो मामला थाना कटारा हिल्स दर्ज है, उसे सीबीआई को हस्तांतरित करना प्रस्तावित किया गया है। यह मामला अपराध क्रमांक 133/2026 धारा 80 (2), 85, 3 (5) भारतीय न्याय संहिता 2023 एवं धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 में पंजीबद्ध है।
20 मई को मुलाकात के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा था कि मृतका के दोबारा पोस्टमॉर्टम के संबंध में न्यायालय निर्णय करेगा, लेकिन परिजन यदि चाहते हैं तो पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
वहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा के परिजनों की ओर से दाखिल याचिका को स्वीकृत करते हुए प्रदेश सरकार औऱ पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ट्विशा के शव को संरक्षित रखा जाए। कोर्ट ने कहा है कि मौत के कारणों पर दूसरी राय लिए जाने में हर्जा क्या है। कोर्ट ने कहा है कि ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए और रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। एक अलग याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह को कोर्ट के सामने सरेंडर की अनुमति दे दी है। समर्थ ने कोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी को वापस लेते हुए सरेंडर की अनुमति मांगी थी। इसका अभिप्रायः यह है कि समर्थ को अब भोपाल पुलिस अरेंस्ट नहीं कर पाएगी। समर्थ खुद कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा।
