Forced Conversion ‘हिंदू लड़कों का धर्म बदल वाने के लिए अपनी बेटियों को आगे कर रहे मुस्लिम कट्टरपंथी’

Forced Conversion ‘हिंदू लड़कों का धर्म बदल वाने के लिए अपनी बेटियों को आगे कर रहे मुस्लिम कट्टरपंथी’

Forced Conversion बिजनौर से कश्मीर जाकर हमजा बने विशाल को यूपी पुलिस वापस घर ले आई है। पुलिस ने विशाल को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। इसके बाद ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की मौजूदगी में वेदपाठी ब्राह्मणों ने शुद्धिकरण के साथ विशाल का पुनः धर्मपरावर्तन (घर वापसी) करवाया। शादी का लालच देकर विशाल का धर्म परिवर्तन कराने वाला पड़ोसी वसीम अब पुलिस हिरासत में है। पुलिस उससे धर्म परिवर्तन के रैकेट में शामिल बाकी लोगों के बारे में जानकारी कर रही है।

 ढोल-नगाड़ों के बीच मंदिर में हुआ विशाल का शुद्धिकरण

इस कार्यक्रम के दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल था और ढोल-नगाड़े गूंज रहे थे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा (BJP) नेता मौसम चौधरी भी विशाल के शुद्धिकरण कार्यक्रम में शामिल होने और पीड़ित परिवार को समर्थन देने गांव पहुंचे।

शादी का झांसा, फर्जी दस्तावेज और कश्मीर में धर्म परिवर्तन

इस पूरी साजिश की शुरुआत बिजनौर के बाखपुर गढ़ी गांव से ही हुई थी। नाबालिग विशाल का गांव के ही रहने वाले वसीम नाम के व्यक्ति की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोपी वसीम ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए एक गहरी साजिश रची। वसीम ने नाबालिग विशाल को अपनी बेटी से शादी कराने का लालच दिया और साथ ही उसे मानसिक रूप से डराया-धमकाया भी। बेटी से शादी की एवज में उसने विशाल के सामने इस्लाम धर्म अपनाने की अनिवार्य शर्त रख दी।

वसीम ने  उम्र और पहचान छुपाने के लिए वसीम ने विशाल के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए।यूपी में धर्मपरिवर्तन कराने पर पकड़े जाने के डर से वसीम,  नाबालिग विशाल को उत्तर प्रदेश से दूर कश्मीर ले गया। वहां विशाल का धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम ‘हमजा’ रख दिया। कुछ दिन पहले विशाल के परिजनों के मोबाइल पर एक वीडियो आया। जिसमें विशाल के धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बनने की कहानी थी। विशाल के परिजनों ने इसकी  शिकायत पुलिस से की।

पुलिस ने वीडियो क्लिप की निशान देही की और कश्मीर पुलिस से संपर्क कर विशाल की बरामदगी की और उसे कानूनी औपचारिकताओं के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने विशाल का धर्मपरिवर्तन कराने वाले वसीम को गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का नया एंगल

विशाल की घर वापसी और आरोपी वसीम की गिरफ्तारी का यह ताजा मामला यूपी में चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट का नया खुलासा है। यूपी पुलिस अब यह खोज रही है कि ऐसे और कितने मामले धर्मपरिवर्तन के हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश का धर्मांतरण विरोधी कानून

उत्तर प्रदेश सरकार ने जबरन, लालच देकर या धोखे से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम लागू किया है। हाल ही में इस कानून को और अधिक कठोर और सख्त बनाया गया है। इस कानून के तहत दर्ज होने वाले मामले पूरी तरह से गैर-जमानती (Non-Bailable) होते हैं, यानी आरोपी वसीम को अब आसानी से बेल नहीं मिल पाएगी।

नाबालिगों के मामले में सख्त सजा यदि धर्म परिवर्तन कराने वाला व्यक्ति किसी नाबालिग (Minor), महिला या अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के सदस्य को निशाना बनाता है, तो कानूनन सजा और गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों में अधिकतम 10 से 14 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

शादी के लिए धर्मांतरण अवैध कानून के मुताबिक, केवल शादी करने के इरादे से किया गया धर्म परिवर्तन पूरी तरह अमान्य (Void) माना जाता है। अगर कोई स्वेच्छा से भी धर्म बदलना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट  को महीनों पहले एडवांस नोटिस देना होता है।

‘लव जिहाद’ का बदलता पैटर्न

इस ताजा घटना से स्पष्ट है कि धर्मांतरण कराने वाले गिरोह अब स्थानीय स्तर पर विरोध या पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए पीड़ितों को दूसरे राज्यों (जैसे कश्मीर) में शिफ्ट कर रहे हैं, ताकि वहां पहचान और दस्तावेज आसानी से बदले जा सकें। उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘एंटी-धर्मांतरण विंग’ अब ऐसे मामलों में केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतर-राज्यीय (Inter-State) कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है।

पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी वसीम से इस बात की गहन पूछताछ कर रही है कि उत्तर प्रदेश से लेकर कश्मीर तक फर्जी दस्तावेज बनाने और उसे वहां छिपाकर रखने में उसके साथ और कौन-कौन से चेहरे या संगठन शामिल थे। (बिजनौर से रविंद्र कुमार की रिपोर्ट)

Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts