Iran-Israel War: ईरान-इजरायल युद्ध में भारी तबाही, डरावने हमले के बाद भड़के राष्ट्रपति ट्रंप

Iran-Israel War: ईरान-इजरायल युद्ध में भारी तबाही, डरावने हमले के बाद भड़के राष्ट्रपति ट्रंप

Iran-Israel War: मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा तनाव अब एक बेहद खौफनाक मोड़ ले चुका है। फॉक्स न्यूज की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, Iran-Israel War के बीच रविवार को ईरान ने इजरायल के ऊपर एक साथ कई घातक मिसाइलें दागकर पूरी दुनिया को हिला दिया है। ईरान के इस चौंकाने वाले कदम के बाद इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने भी बिना देर किए पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस महायुद्ध की शुरुआत तब हुई जब इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में बड़ी तबाही मचाते हुए एयरस्ट्राइक की। इसके बाद Iran-Israel War की आग और तेजी से भड़क उठी है।

ईरान का इजरायल पर मिसाइल हमला और भारी तबाही

लेबनान में इजरायली हमले के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों की बौछार कर दी। इस डरावने हमले के दौरान इजरायल में हर तरफ सायरन गूंजने लगे और नागरिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी।

हालांकि, इजरायली सेना का दावा है कि उन्होंने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। इस Iran-Israel War की वजह से अब अमेरिका भी पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने क्षेत्र में अपने बलों को हाई अलर्ट पर रखा है क्योंकि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को भी वैध निशाना बनाने की खुली चेतावनी दी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी: अब बहुत हुआ

Iran-Israel War भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बेहद सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, अब यह बिल्कुल पर्याप्त है। तुरंत बातचीत की मेज पर वापस आएं और डील पूरी करें।” ट्रंप ने यह भी कहा कि वह इजरायल द्वारा बेरूत पर किए गए हमलों से खुश नहीं हैं, क्योंकि इससे शांति वार्ता में बड़ी बाधा आ रही है।

Iran-Israel Warको रोकने के लिए ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर उन्हें तुरंत जवाबी कार्रवाई न करने की सलाह दी है। ट्रंप का मानना है कि दोनों पक्षों के इस कदम से मध्य पूर्व में एक कभी न खत्म होने वाली तबाही आ सकती है।

Iran-Israel War का वैश्विक असर

Iran-Israel War मामले में राजनयिक रूप से तटस्थ रुख अपनाए हुए है, लेकिन इसके बावजूद भारत पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ रहा है:

  • भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा का संकट: खाड़ी देशों (Gulf Countries) में लगभग 90 लाख से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं और काम करते हैं। हाल ही में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की जान जाने से यह चिंता और बढ़ गई है। यदि यह युद्ध और भड़कता है, तो भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालना (Evacuation) सरकार के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी।

  • महंगा होगा ईंधन (पेट्रोल-डीजल): भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल (Crude Oil) आयात करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। इस युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने से भारत में घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ेगी।

  • व्यापारिक गलियारों पर ब्रेक: भारत, मध्य पूर्व और यूरोप को जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी व्यापारिक आर्थिक गलियारा (IMEC) इस युद्ध की वजह से पूरी तरह ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है, जो भारत के भविष्य के व्यापार के लिए एक बड़ा झटका है।

बाकी दुनिया पर असर (Global Impact)

Iran-Israel War केवल दो या तीन देशों की जंग नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है।

ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक किए जाने के कारण दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति ठप हो गई है। इसके कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार चली गई हैं।

आर्थिक मंदी और महंगाई का खतरा

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा सुरक्षा चुनौती बताया है। Iran-Israel War से ईंधन महंगा होने से यूरोप और एशिया के कई देशों में विनिर्माण (Manufacturing) लागत बढ़ गई है। इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों को अपनी ब्याज दरें बढ़ाने या उन्हें ऊंचे स्तर पर बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ गया है।

Iran-Israel War, west asia crisis, Trump
Iran-Isreal war: ईरान की ओर से इसरायल के उत्तरी इलाके पर दागी गईं मिसाइलें

विमानन क्षेत्र को नुकसान

Iran-Israel War से मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र (Airspace) के बंद होने या असुरक्षित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदलने पड़े हैं। एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी बड़ी एयरलाइंस का परिचालन प्रभावित हुआ है, जिससे पूरी दुनिया में हवाई सफर महंगा और लंबा हो गया है।

खाड़ी देशों में खाद्यान्न संकट

सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देश अपनी खाद्य सामग्री का 80% हिस्सा आयात करते हैं। Iran-Israel War के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से इन देशों में ‘ग्रोसरी सप्लाई इमरजेंसी’ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे वहां खाने-पीने की चीजों के दाम 40% से 120% तक बढ़ गए हैं।

इसे भी पढेंःअमेरिका ने बंदर अब्बास और पोर्ट कासेम पर किया हमला

मध्य एशिया संकट के बीच भारत सरकार की देशवासियों से अपील

Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *