OPERATION EAGLE CLAW जिले में अवैध मादक पदार्थों और शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने खास अभियान चला रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे इस OPERATION EAGLE CLAW के तहत गाडरवारा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की तस्करी में लिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) ललित सिंह डागुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुखबिर की सूचना पर जमाड़ा रोड पर घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, 14 मई 2026 की दोपहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जमाड़ा रोड स्थित अमर शांति कॉलोनी के पास भारी मात्रा में अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत एक्टिव होते हुए मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर जायलो वाहन को रोककर तलाशी ली।
50 पेटी अवैध शराब और जायलो कार जब्त
पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में देशी शराब पाई गई। पुलिस ने मौके से कुल 50 पेटी अवैध देशी शराब जब्त की है, जिसमें 30 पेटी देशी मसाला शराब और 20 पेटी देशी प्लेन शराब शामिल है।
जब्त माल की कीमत
जब्त की गई इस अवैध शराब की कुल कीमत करीब 2 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है। वहीं, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही जायलो कार की कीमत लगभग 12.5 लाख रुपये है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 14 लाख 80 हजार रुपये (लगभग 15 लाख रुपये) मशरूका जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो स्थानीय और एक उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। इनमें हीरालाल बाथरे पिता डब्बू लाल बाथरे निवासी खमतरा, जिला नरसिंहपुर तथा मुकेश कुर्मी पिता उमाशंकर कुर्मी निवासी शास्त्री वार्ड गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर और आयुष मिश्रा पिता संतोष मिश्रा निवासी शंकरगढ़, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की यह बड़ी खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन ईगल क्लॉ के तहत आगे भी इस तरह की प्रभावी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।