Governor Anandi Ben Patel उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बरेली में कहा है कि विश्वविद्यालयों में दो-चार घण्टे पढ़ाना ही काफी नहीं यूनिवर्सिटीज को पांच-पांच गांव गोद लेने चाहिए। राज्यपाल का विमान गुरुवार सुबह त्रिशूल हवाई अड्डे पर उतरा। हवाई अड्डे से राज्यपाल सीधे मुड़िया अहमद नगर स्थित दिशा इंटर कॉलेज पहुचीं। वहां उन्होंने मूकबधिर बच्चों से मुलाकात की। राज्यपाल ने यहां एक बहुउद्देशीय भवन का शिलान्यास किया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बृहस्पतिवार को बरेली का एक दिवसीय दौरा किया। उन्होंने मुड़िय अहमद नगर स्थित दिशा इंटर कॉलेज में मूकबधिर बच्चों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। यहां राज्यपाल ने करीब एक घंटा समय बिताया। इस दौरान उन्होंने बहुउद्देयीय भवन का शिलान्यास किया। उनके आगमन को लेकर कॉलेज प्रशासन और बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। इसके बाद राज्यपाल ने एक निजी स्कूल की शाखा का लोकार्पण किया।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को संस्कार सिखाना है। उनको आत्मनिर्भर बनाना है ताकि भविष्य में उन्हें किसी के सामने हाथ आगे करने की जरूरत न पड़े। पिछले छह सात वर्षों से हम लोगों ने विश्वविद्यालयों को यह जिम्मेदारी दी है कि आपका काम कमरों में दो तीन घंटे बैठकर काम करना तो है ही, लेकिन साथ में समाज और गांव में जाकर महिलाओं से चर्चा कर उनकी समस्याएं जानना है। एक विश्वविद्यालय को कम से कम पांच गांव गोद लेना है।

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में काम शुरू हुआ और चार लाख मरीजों को टीबी मुक्त किया गया। उन्होंने महिलाओं की स्क्रीनिंग और नौ से 14 वर्ष की बच्चियों के एचपीवी टीकाकरण पर भी बात की, बताया कि तीन लाख बच्चियों को टीका लगाया गया और अब यह सुविधा निशुल्क है। राज्यपाल ने लड़कियों को अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देने और आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। उन्होंने झोपड़ पट्टी के 460 बच्चों को शिक्षित करने के राजभवन के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर कुलपति केपी सिंह ने बताया कि विद्यालय में तीन नई प्रयोगशालाएं बनी हैं, विज्ञान संकाय शुरू किया गया है और नामांकन में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के निर्देशानुसार विद्यालय को इंटर से स्नातकोत्तर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। दिशा विद्यालय की संस्थापिका पुष्पलता गुप्ता ने बताया कि 27 वर्ष पहले दो बच्चों से शुरू हुआ यह विद्यालय अब 450 बच्चों का वृक्ष बन गया है। उन्होंने हाईस्कूल में शत प्रतिशत परिणाम और छात्राओं के डॉक्टर व शिक्षिका बनने की बात कही। कुलपति ने आंगनबाड़ी और बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के लिए ओपन जिम और पुस्तकों की व्यवस्था का भी जिक्र किया।

इसके अलावा राज्यपाल ने बापू बाजार में हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्र मानव द्वारा बनाया गया उनका स्केच स्वीकार किया। उन्होंने पुष्पलता गुप्ता को विद्यालय की स्थापना के लिए सराहा, यह कहते हुए कि ऐसे बच्चों को शिक्षित करना बड़ा काम है। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने तीन वर्ष पूर्व इस विद्यालय को गोद लेने को कहा था। उन्होंने विश्वविद्यालयों को पांच गांव गोद लेने और उनके विकास के लिए कार्य करने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा सात के बच्चों द्वारा स्वागत गीत से हुई। छात्रा ने शिव स्रोत पर एकल नृत्य प्रस्तुत किया, जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने गरबा नृत्य किया। फैशन शो के माध्यम से महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल का वेश धारण किया गया, साथ ही गुजराती युगल और डांडिया की प्रस्तुति दी गई। राज्यपाल ने बापू बाजार में विभिन्न हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और छात्र मानव को पोषण पोटली प्रदान की।

दिशा इंटर कॉलेज के बाद, राज्यपाल किला क्षेत्र स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) पहुंचीं। उन्होंने परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां रह रहे किशोरों का हाल जाना। राज्यपाल ने अधिकारियों को किशोरों के सुधार और कल्याण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण के बाद, राज्यपाल महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचीं, जहां उनके लिए दोपहर के भोजन और विश्राम का समय आरक्षित था।

इसके अलावा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर-03 चन्द्रपुर बिजपुरी स्थित नवनिर्मित लखनऊ पब्लिक स्कूल का उद्घाटन किया।
इससे पहले राज्यपाल का स्वागत बच्चों ने बैंड के माध्यम से स्वागत किया। राज्यपाल ने विद्यालय के शिलापट्ट का अनावरण कर उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ शुरुआत राष्ट्रगान से की गई। राज्यपाल आनंदीबने पटेल ने फलों की टोकरी का स्पर्श कर उसे बच्चों में वितरण के लिए दे दिया। कार्यक्रम में छात्राओं ने सर्वधर्म सम्भाव को प्रदर्शित करते हुए तथा देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रदर्शन किया।
विद्यालय प्रबंधक और केंद्रीय पंचायती राज मंत्री एसपी सिंह बघेल ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उनका विद्यालय बच्चों को सर्वागीण विकास पर कार्य करता है। उन्होंने बताया कि आज आईसीएससी बोर्ड परीक्षा का परिणाम आया है और उसमें उनके विद्यालय के छात्र शिवम अवस्थी ने 99.99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिन्हें 1.51 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इकरा आलम, समृद्धि द्विवेदी, जूही चौधरी, शाबिर प्रकाश श्रीवास्तव ने भी 99 प्रतिशत अंक हासिल किये हैं।

राज्यपाल ने कहा कि मुझे प्रसनता है कि बघेल जी ने बरेली में आकर लखनऊ पब्लिक स्कूल को बनाया और शिक्षा की दिशा में कदम अच्छा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के पढ़ने के लिये ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि आने वाले समय में दुनिया की तमाम व्यवस्थाओं का सामना कर सकें। दुनिया तकनीकी के माध्यम से नयी-नयी चीजें सीख रही है इसलिए हमें भी तकनीकी को बढ़ाने, नए-नए कोर्स लाने और शिक्षकों का प्रशिक्षित किया जाना चाहिए और बच्चों को हुनर सिखाना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसा प्रदेश-ऐसा भारत बनाना है जो पूर्व के समान विश्व गुरू था।
माननीय राज्यपाल महोदया ने कहा कि लखनऊ पब्लिक स्कूल की 15 शाखायें प्रदेश में संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी राष्ट्र को नयी दिशा देनी होती है तो उसकी शुरूआत शिक्षा से होती है और आज दुनिया डिजिटल युग में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब मात्र किताबी ज्ञान नहीं बल्कि संस्कृति मूल्यों की स्थापना है यह हमारी जड़े हैं और जड़ों के आभावा में कोई भी वृक्ष हरा-भरा नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षक मात्र पाठ पढ़ाने वाला नहीं बल्कि भविष्य गढ़ने वाला शिल्पकार है।

उन्होंने कहा कि राज भवन में जनभवन के नाम से गरीब-असहाय बच्चों के लिए विद्यालय संचालित किया जा रहा है, हमने उनकी प्रतिभाओं को ना केवल पहचाना है बल्कि मंच भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बघेल जी ने उस विद्यालय के 500 बच्चों के लिये दो जोड़ी ड्रेस की व्यवस्था की है तथा राजभवन की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात लोगों को भी इससे जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने प्रांगण की चार दिवारों से निकलकर गांव-गांव जाएं और वहां के किसान, युवा, महिलाओं तक अपना ज्ञान उन्हें दें। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों के घर, कालेजों, लैब में भी निगरानी रखनी चाहिए कि वह कहीं गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं और बच्चों का ध्यान रखें उन्हें समझाएं।

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान का परिवेश यह है कि करोड़ों की सम्पत्ति है लेकिन माता-पिता को घर में रखने की क्षमता नहीं है, बहुएं, सास-ससुर के साथ नहंी रहना चाहती हैं यह सब हम शिक्षा से बदल सकते हैं जेलों से नहीं। उन्होंने कहा कि आवश्यक है कि हमारी शिक्षा समावेशी हो, शिक्षा जब समाज के अंतिम बच्चे तक पहुंचती है तो वह परिवर्तन का आधार बन जाती है, जहां शिक्षा होगी वहां नए भारत का उदय होगा। उन्होंने विद्यालय प्रबन्धक से अपील की कि लखनऊ पब्लिक स्कूल में झोपड़ पट्टी के पांच बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाए। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल महोदया द्वारा बच्चों को चॉकलेट व फल का वितरण किया गया।
इस अवसर पर मा0 महापौर डॉ0 उमेश गौतम, मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, कुलपति के0पी0 सिंह, लखनऊ पब्लिक स्कूल के मालिक डॉ0 एसपी सिंह बघेल, पूर्व एमएलसी-मुख्य प्रशासिका क्रांति सिंह, प्रबन्ध निदेशक सुशील कुमार, महाप्रबंधक शिखर पाल सिंह, जनरल मैनेजर हर्षित सिंह सहित जनपद के गणमान्य नागरिकगण, छात्र-छात्राएं उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे।