Bihar Love Jihad जिन-जिन राज्यों में बीजेपी यानी एनडीए की सरकारें हैं वहां-वहां लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन की वारदातें धड़ल्ले से हो रही हैं। कहने को तो पुलिस प्रशासन बहुत सख्ती करता है लेकिन नतीजा शून्य है। हफ्ताभर पहले प्रधानमंत्री पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में धड़ाधड़ लव जिहाद की खबरें आईं लेकिन जिहादियों का कुछ नहीं बिगड़ा। एक ऐसा ही मामला बिहार के दरभंगा से आया है जहां लव जिहाद की शिकार युवती को जिहादियों के चंगुल से चार दिन पहले बचाया गया था, उसी लड़की को जिहादी फिर से अगवा करके ले गए। सीएम सम्राट चौधरी की चौधरी की पुलिस जिहादियों का बाल भी टेढ़ा नहीं कर पाई।
मीडिया ने खबर तानी तो हरकत में आई दरभंगा पुलिस
हालांकि स्थानीय मीडिया ने बिहार में द केरल स्टोरी 2 जैसे मामलों का खुलासा किया तो पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हुआ और अपहर्ता पर भी दबाव बना। लड़की एक बार बरामद कर ली गई। बरामदगी के बाद बाकी कानूनी प्रक्रिया करते हुए 22 अप्रैल को उसे परिजनों को सुपुर्द किया गया। वही लड़की चार दिन बाद फिर अगवा कर ली गई है। दोबारा अपहरण का आरोप भी उसी लव जिहादी पर है। पिछली बार जब गायब हुई थी, तब से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव का सोशल मीडिया मैसेज लगातार आ रहा था। अब दोबारा अपहरण हुआ है तो इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है।
चार मुसलमान लड़कों के खिलाफ एफआईआर
लड़की के पिता ने कमतौल थाने में मोहम्मद सितारे नदाफ, चमन नदाफ, इरफ़ान नदाफ और गोलू नदाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में भी दर्ज था कि 28 जनवरी 2026 को गांव के ही मोहम्मद सितारे नदाफ ने अपहरण किया था। इस संबंध में कमतौल थाना कांड संख्या 29/26 दर्ज है। लड़की के परिजनों ने बताया था कि पुलिस की निष्क्रियता पर कोर्ट का रुख करना पड़ा था और फिर कुर्की के बावजूद अपहर्ता उन्हें उनकी बेटी के धर्म परिवर्तन कराने की बात कह रहा था।
दरभंगा पुलिस पर दबाव बना और अपहर्ता पर भी। लड़की को दरभंगा पुलिस ने 15 अप्रैल को बरामद कर लिया कोर्ट में बयान दर्ज कराने और मेडिकल जांच के बाद 22 अप्रैल को उसे परिजनों के हवाले किया गया। पिछले तीन महीनों में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के घर की कुर्की-जब्ती की और उसके भाई व पिता को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था। अब आरोपी ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुए दोबारा लड़की का अपहरण कर लिया है।
इस बार चार लड़के कार में उठाकर ले गए
पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी 17 वर्षीय पुत्री का धारा 164 के तहत बयान दर्ज किया गया था। नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने 22 अप्रैल 2026 को उसे माता-पिता को सौंप दिया था। फिर, 25 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे, जब उनकी पुत्री घर के पास बगीचे में गई थी तो पिस्तौल का भय दिखाकर उसे जबरन एक चार पहिया वाहन में बैठाकर चार लड़के फरार हो गए। आरोपियों में चमन नदाफ, सितारे नदाफ, इरफान नदाफ और गोनू नदाफ शामिल हैं। पीड़ित का दावा है कि गांव के कई लोग इस घटना के गवाह हैं। घटना के बाद पीड़ित पिता ने कमतौल थाने में आवेदन देकर बेटी की सकुशल बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।