ISRO ने भारत के आदित्‍य एल-19 (Aditya L-1) को अंतिम कक्षा में सफलतापूर्वक स्‍थापित किया

ISRO  ने भारत के आदित्‍य एल-19 (Aditya L-1) को अंतिम कक्षा में सफलतापूर्वक स्‍थापित किया

ISRO ने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया कि (Aditya L-2 ) आदित्‍य एल-1 को हालो कक्षा में एल-1 बिन्‍दु के नजदीक सफलतापूर्वक प्रवेश करा दिया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल1 के लैग्रेंज प्वाइंट 1 पर अपने गंतव्य तक पहुंचने की असाधारण उपलब्धि की सराहना की है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने आज आदित्य एल-1 उपग्रह को अंतिम कक्षा में सफलतापूर्वक स्‍थापित कर दिया। इसरो ने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया कि आदित्‍य एल-1 को हालो कक्षा में एल-1 बिन्‍दु के नजदीक सफलतापूर्वक प्रवेश करा दिया गया है। इसरो ने इसके लिए कमान केन्‍द्र से मोटर और थ्रस्‍टर का प्रयोग किया। यह बिन्‍दु पृथ्‍वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। अंतरिक्ष यान में 440 न्‍यूटन लिक्विड अपोजी मोटर, आठ 22 न्‍यूटन थ्रस्‍टर और चार 10 न्‍यूटन थ्रस्‍टर लगे थे जो इसे एल-1 बिन्‍दु तक ले गये।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इसरो की सफलता की सराहना की है और भरोसा जताया है कि हम विज्ञान के नये क्षितिज की ओर बढ़ना जारी रखेंगे। केन्द्रीय विज्ञान और प्रौदयोगिकी राज्‍यमंत्री डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत के लिए यह गौरवपूर्ण वर्ष है जब इसरो ने आदित्य एल-1 को उसकी अंतिम कक्षा में पहुंचा कर सफलता की गाथा लिखी है। आदित्‍य एल-1 सूर्य और पृथ्‍वी के संबंधों का अध्ययन करेगा।

आदित्‍य एल-1 भारत का पहला सौर अभियान है जो सूर्य के कोरोना, सूर्य के भीषण ताप और पृथ्‍वी पर इसके प्रभाव का अध्ययन करेगा।

भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल 1 के गंतव्य पर पहुंचने पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने की सराहना

राष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस महान उपलब्धि के लिए पूरे भारतीय वैज्ञानिक समुदाय को बधाई दी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल1 के लैग्रेंज प्वाइंट 1 पर अपने गंतव्य तक पहुंचने की असाधारण उपलब्धि की सराहना की है। राष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस महान उपलब्धि के लिए पूरे भारतीय वैज्ञानिक समुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मिशन सौर और पृथ्वी प्रणाली के बारे में ज्ञान बढ़ाएगा और इससे पूरी मानवता को लाभ होगा। सुश्री मुर्मू ने इसरो मिशनों में महिला वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भागीदारी की भी सराहना की और कहा कि इससे महिला सशक्तिकरण भी नई ऊंचाई पर पहुंच गया है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा कि सर्वाधिक जटिल और उलझे अंतरिक्ष अभियानों में से एक को सफल बनाने के लिए यह वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रतीक है। उन्‍होंने कहा कि देश, मानवता की भलाई के लिए विज्ञान के नये लक्ष्‍यों की ओर पहुंचना जारी रखेगा।

केन्‍द्रीय विज्ञान और प्रौदयोगिकी मंत्री डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने आदित्‍य एल-1 को कक्षा में स्‍थापित करने के लिए इसरो के वैज्ञानिकों की सराहना की है। सोशल मीडिया पोस्‍ट में उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्‍व में इसरो ने एक और सफलता की कहानी लिखी है।

इसरो ने आदित्य एल-1 उपग्रह को सफलतापूर्वक स्थापित किया

इसरो ने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया कि आदित्य एल-1 को हालो कक्षा में एल-1 बिंदु के नजदीक सफलतापूर्वक प्रवेश करा दिया गया है।

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Rajeev Sharma

Chief Editor & CEO PhD, LLB

more then 30 yrs experience of Print and Electronic media. Hold the key positions in various popular media organizations as Bureau chief, Special Correspondent-investigative stories, News Editor.

Areas of Expertise: Reporting and Analysis on Contemporary, Political, Social, and Geopolitical Issues
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