Heart Disease बड़े-बूढों की नहीं अब युवाओं की बीमारी बन गई!

Heart Disease बड़े-बूढों की नहीं अब युवाओं की बीमारी बन गई!

Heart Disease: दिन ब दिन दिल की बीमारियों के मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। पहले तो यह बीमारी उम्रदराज लोगों में देखने को मिलती थी।

अब यह बच्चों और युवाओँ में ज्यादा देखने को मिल रही है। युवा लोग जिम में एक्सरसाईज के दौरान या फिर सड़क पर चलते-फिरते अचानक गिर जाता है और मृत्यु हो जाती है। दिल का दौरा पड़ने के ज्यादातर मामले पुरुषों के बीच देखने को मिलते हैं। अब एक स्टडी ने इस खतरे के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया है। शोध के मुताबिक, पुरुषों में ऑफिस की वजह से हार्ट अटैक का खतरा डबल हो जाता है।

जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में पब्लिश हुए एक पेपर में दावा किया गया है कि जिन पुरुषों को ऑफिस में काम की तारीफ नहीं मिलती, उनमें स्ट्रेस बढ़ जाता है। इस वजह से घातक हार्ट डिजीज का खतरा दोगुना हो सकता है। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दी गई है।

कनाडा के शोधकर्ताओं ने करीब 2 दशक तक स्ट्रेस और एफर्ट रिवार्ड इम्बैलेंस (ERI) के बारे में शोध किया। उन्होंने 6,465 व्हाइट कॉलर जॉब करने वाले मर्दों और पुरुषों पर 18 साल तक अध्ययन किया। इन प्रतिभागियों को दिल की कोई बीमारी नहीं थी, जिनमें से 3118 पुरुष और 3347 महिलाएं थी। जिनकी औसतन उम्र 45 साल थी।

एक दूसरे शोध में ERI के बारे में अच्छी तरह बताया है। इस स्थिति में काम से जुड़ा प्रेशर बढ़ जाता है, क्योंकि ऑफिस में उनकी कोशिशों और काम को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिल पाता है।

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स्टडी की लीड ऑथर ने बताया कि ऐसे माहौल में एम्प्लॉई से हाई क्वालिटी के काम की डिमांड की जाती है, मगर काम पर कंट्रोल कम होता है। उन्होंने इन दोनों चीजों से दिल पर पड़ने वाले असर के बारे में स्टडी की है।

स्टडी ने पाया कि जिन पुरुष प्रतिभागियों को तनावपूर्ण माहौल या कम तारीफ मिली, उनमें दिल की बीमारी का 49 प्रतिशत खतरा बढ़ गया था। जिन पुरुषों को स्ट्रेसफुल वर्क और ERI दोनों का सामना करना पड़ा, उन्हें  खतरा डबल हो गया। हालांकि, शोधकर्ता इन चीजों का असर महिलाओं में मापने में सफल नहीं हो पाए।

हार्ट डिजीज के कारण दिल तक पर्याप्त खून नहीं पहुंच पाता। जिसकी वजह से आ सकता है। लीड ऑथर ने कहा कि हम लोग ऑफिस में सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं, इसलिए ये शोध लोगों की हेल्थ को सही रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इससे हम इन नतीजे पर पहुंचते हैं कि स्ट्रेसफुल वर्क कंडीशन को तुरंत ठीक करके एंप्लॉइज के लिए एक हेल्दी माहौल बनाना चाहिए

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Rajeev Sharma

Chief Editor & CEO PhD, LLB
Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts

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