CJI सोचिए जरा, आप देश की सबसे बड़ी अदालत (Supreme Court) का दरवाजा इस भारी उम्मीद से खटखटाएं कि आपको जल्द से जल्द इंसाफ मिलेगा। लेकिन अचानक आपको पता चले कि आपकी केस की फाइल ही अदालत के बाबू लोगों ने कहीं गुम कर दी है! सुनकर अजीब लगता है ना? आपको लगेगा कि ऐसा तो सिर्फ फिल्मों में होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि असल में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री (Registry) में कुछ ऐसा ही हुआ है, जिस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI सूर्यकांत बेहद नाराज हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के CJI ने एकदम साफ और सख्त लहजे में कह दिया है कि “अगर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से जरूरी फाइलें गायब हो रही हैं, तो मैं सिर्फ केस को लिस्ट करने का आदेश देकर इसे यों ही नहीं छोड़ूंगा। इसके पीछे जिसकी भी गलती है, उसे हर हाल में ढूंढा जाएगा।” आइए बहुत ही आसान और आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि आखिर कोर्ट रूम में हुआ क्या था और केस की फाइल गायब होने पर CJI इतने नाराज क्यों हो गए।
कोर्ट रूम में आखिर हुआ क्या था?
बीते बुधवार (17 जून 2026) को सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना (Justice V Mohana) की वेकेशन बेंच बैठी थी। इसी सुनवाई के दौरान एडवोकेट शुभी शिवानी अहमद ने बेंच को एक बड़ी ही हैरान करने वाली बात बताई।
वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल (Client) की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) से जुड़ा एक बहुत ही जरूरी मामला 8 जून को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया गया था। यह मामला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ था, जिसमें तुरंत सुनवाई की जरूरत थी। लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी केस को सुनवाई के लिए लिस्ट (List) नहीं किया गया।
जब वकील ने वजह पता करने की कोशिश की और रजिस्ट्रार को बाकायदा चिट्ठी लिखी (जिसका कोई जवाब नहीं मिला), तो उन्हें अंदेशा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट की एडमिनिस्ट्रेटिव विंग ने उनकी केस फाइल ही कहीं गुम कर दी है। यह पूरी बात सुनते ही CJI का पारा चढ़ गया।
मैं सिर्फ केस लिस्ट करवा कर मामले को रफा-दफा नहीं करूंगा-CJI
कोर्ट के अंदर से फाइल गायब होने की बात सुनते ही CJI ने इस लापरवाही पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं है, बल्कि अदालत की साख से जुड़ा एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है।
उन्होंने वकील से कहा, “अगर हमारी रजिस्ट्री जरूरी मामलों की फाइलें ऐसे ही गुम कर रही है, तो क्या आपको लगता है कि मैं सिर्फ आपका केस लिस्ट करने का आदेश देकर इसे छोड़ दूंगा? मुझे इससे कुछ बढ़कर करना होगा। आप मुझे पूरी डिटेल दीजिए। मैं खुद इस भारी लापरवाही (Inefficiency) की जांच करूंगा कि आखिर इसके पीछे असली वजह क्या है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।”
इतना ही नहीं, CJI ने वकील से स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AOR) के जरिए लिखित शिकायत सीधे उनके चेंबर या उनके घर पर पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे निजी तौर पर इस फाइल गुम होने के मामले को गहराई से देखेंगे।
पहली बार नहीं है जब रजिस्ट्री की क्लास लगी हो
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से CJI पहली बार नाराज हुए हैं, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। यह मामला कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे उन बड़े सवालों का हिस्सा है, जिन पर पहले भी तल्ख टिप्पणियां हो चुकी हैं।
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मई 2026 का वाकया: पिछले ही महीने CJI सूर्यकांत की बेंच ने रजिस्ट्री के काम करने के तरीके को ‘भद्दा’ (Nasty) करार दिया था। उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कुछ अधिकारियों को ऐसा लगने लगा है कि वे “सुपर CJI” बन गए हैं और अपनी मर्जी चलाएंगे।
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फरवरी 2026: उन्होंने यह भी कहा था कि रजिस्ट्री के बाबुओं को लगता है कि जज तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन वे यहां 20 साल के लिए परमानेंट बैठे हैं और कोर्ट को अपनी मर्जी से चलाएंगे।
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रजिस्ट्री क्या है? जानकारी के लिए बता दें कि रजिस्ट्री सुप्रीम कोर्ट का प्रशासनिक हिस्सा है जो केस की फाइलिंग और लिस्टिंग का काम देखती है, और यह सीधे CJI की निगरानी में आती है।
सुप्रीम कोर्ट देश का सबसे भरोसेमंद और पवित्र न्यायिक मंदिर है। अगर वहां से ही आम आदमी की केस फाइलें गायब होने लगें, तो न्याय के लिए इंसान कहां जाएगा? CJI का यह सख्त रुख सिस्टम में बैठे उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अपनी जिम्मेदारियों को हल्के में लेते हैं। अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि जांच पूरी होने के बाद किस किस पर गाज गिरती है।
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