CJI Justice सूर्यकांत बोले न्यायपालिका को 24×7 काम करने की दिशा में आगे बढ़ना है

CJI Justice सूर्यकांत बोले न्यायपालिका को 24×7 काम करने की दिशा में आगे बढ़ना है

CJI Justice सूर्यकांत ने कहा है कि अब न्यायपालिका को सातों दिन चौबीस घंटे काम करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही तकनीकी बदलावों के दौर में आम लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।

नए सॉफ्टवेयर की भाषा सरल होनी चाहिए

सीजेआई ने  कहा कि न्याय व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले नए सॉफ्टवेयर की भाषा सरल होनी चाहिए और ग्रामीण व तकनीक से अनजान लोगों तक डिजिटल सुधारों की जानकारी पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर पैरालीगल वॉलंटियर्स तैयार किए जाने चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को जबलपुर में ‘फ्रैगमेंटेशन टू फ्यूजन: एम्पॉवरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन’ विषय पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।

तकनीकि सुधार के लिए मां नर्मदा से लें प्रेरणा

सीजेआई ने नर्मदा  उदाहरण देते हुए कहा कि अमरकंटक से निकलने वाली छोटी धारा जिस तरह जबलपुर पहुंचते-पहुंचते विशाल स्वरूप ले लेती है, उसी तरह न्याय व्यवस्था में छोटे-छोटे तकनीकी सुधार भविष्य में बड़े बदलाव साबित होंगे।

नए डिजिटल एप्स देश भर में किए जाएँ लागू

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में थाना, फॉरेंसिक लैब, मेडिको-लीगल सेल, कोर्ट और जेल से जुड़ी सूचनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए कई डिजिटल एप लॉन्च किए गए हैं, जिन्हें देशभर में लागू करने की कोशिश होगी।

सुप्रीम कोर्ट के 9 जज और कानून मंत्री मेघवाल भी हुए शामिल

नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इन्फर्मेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के 9 जज, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे।

मेघवाल ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की पीठ थपथपाई

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की पीठ थपथपाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के नवाचार और न्याय प्रणाली में तकनीक का समावेश आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कानून मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जो लीक से हटकर काम किया है, उसका उदाहरण अब पूरे देश में दिया जा रहा है। चाहे वह मूक-बधिरों के लिए साइन लैंग्वेज से न्याय दिलाने की शुरुआत हो, या फिर पर्यावरण और सादगी का संदेश देते हुए माननीय जज का साइकिल से कोर्ट पहुंचना। भारत के लोग देख रहे हैं प्रेरणा ले रहे हैं।

 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से देश भर को मिल रही सीख

न्याय की चौखट पर तकनीक और संवेदनशीलता का ऐसा संगम पहले कभी नहीं देखा गया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के प्रयासों की जमकर तारीफ की है। कानून मंत्री ने कहा कि जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के माननीय जज डीडी बंसल खुद साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे, तो इससे पूरी दुनिया में सादगी और पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संदेश गया। आज इस अनोखे नवाचार के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मिसाल दी जा रही है।

सभी के लिए एक प्लेटफॉर्म से दौड़ेगा न्याय का पहिया

इतना ही नहीं, समाज के हर वर्ग तक न्याय पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक और ऐतिहासिक शुरुआत की है। देश में पहली बार ‘साइन लैंग्वेज’ यानी सांकेतिक भाषा के जरिए मूक-बधिरों को न्याय दिलाने का काम भी इसी हाई कोर्ट से शुरू हुआ है। कानून मंत्री ने साफ किया कि जब तक समाज के हर व्यक्ति के लिए प्लेटफॉर्म एक नहीं होगा, तब तक न्याय का पहिया सही तरीके से नहीं चल सकता।

लोकतंत्र की मजबूती में न्यायपालिका अहम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य और विक्रम-बेताल की कहानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में न्याय व्यवस्था की सबसे अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में तकनीकी सुधार आम लोगों का भरोसा और मजबूत करेंगे।

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