PM SVANidhi Scheme: 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों उठा रहे योजना का लाभ

PM SVANidhi Scheme: 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों उठा रहे योजना का लाभ

PM SVANidhi Scheme: स्ट्रीट वेंडरों को कोरोना काल के बाद उनके छोटे व्यापार को दुबारा शुरू करने के लिए शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना आज काफी लोकप्रीय हो गई है। यही वजह है कि 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों तक पीएम स्वनिधि का लाभ पहुंच रहा है।

तीन वर्षों में 50 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच

आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) की पहल प्रधान मंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने देश भर में 50 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरीवालों को ऋण मुहैया कराकर एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने योजना से जुड़ा लक्ष्य हासिल करने पर कहा कि पीएम स्वनिधि योजना केवल तीन वर्षों में 50 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच कर हमारी उम्मीदों से आगे निकल गई है। यह उपलब्धि स्ट्रीट वेंडर को सशक्त बनाने और उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणालियों में एकीकृत करने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

12 लाख से अधिक नए विक्रेताओं जुड़े

इस साल 1 जुलाई को योजना के तहत प्राप्त किए जाने वाले लक्ष्यों को संशोधित करते हुए एक अभियान शुरू किया गया था। इस सामूहिक प्रयास से 65.75 लाख ऋण वितरित किए गए, जिससे 50 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिला। इसमें अबतक कुल मूल्य 8600 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया जा चुका है। पिछले तीन महीनों में राज्यों ने 12 लाख से अधिक नए विक्रेताओं को सफलतापूर्वक अपने साथ जोड़ा है। यह अब तक की सबसे अधिक संख्या है। फिलहाल कई अन्य नामांकन की प्रक्रिया में हैं। पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल भुगतान के माध्यम से सशक्त बनाती है।

पीएम स्वनिधि तहत भी डिजिटल लेनदेन

बता दें कि माइक्रो-क्रेडिट की सुविधा से परे, पीएम स्वनिधि योजना डिजिटल भुगतान के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को सशक्त बनाती है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने, भागीदार ऋण प्रदाता संस्थान या बैंक और डिजिटल भुगतान एग्रीगेटर्स (डीपीए) ने डिजिटल ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण की पेशकश की है। इन सहयोगों के परिणामस्वरूप 1,33,003 करोड़ रुपये के 113.2 करोड़ से ज्यादा डिजिटल लेनदेन हुए हैं, जिसमें लाभार्थियों को 58.2 करोड़ रुपये का कैशबैक प्राप्त हुआ है।

स्ट्रीट वेंडर्स हो रहे आर्थिक रूप से सशक्त

का प्रभाव माइक्रो-क्रेडिट प्रदान करने से परे है; इसने विक्रेताओं के परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का सुरक्षा जाल तैयार के लिए मजबूत आधार भी तैयार किया है। 04 जनवरी, 2021 को शुरू की गई “स्वनिधि से समृद्धि” पहल का उद्देश्य लाभार्थियों के परिवारों को भारत सरकार की आठ सामाजिक-आर्थिक कल्याण योजनाओं से जोड़ना है, जिससे उनके समग्र विकास को बढ़ावा मिल सके। आज तक लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर्स परिवारों के उत्थान के लिए इन योजनाओं के अंतर्गत 51 लाख से ज्यादा स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।

50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की उपलब्धि भारत की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के लिए एक आशाजनक भविष्य का प्रतीक है।

पीएम स्वनिधि योजना क्या है

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना शहरी स्ट्रीट वेंडरों के लिए एक सूक्ष्म ऋण योजना है जिसकी शुरुआत 01 जून 2020 को हुई थी और इसका उद्देश्य 50,000 रुपये तक बिना किसी गारंटी के पूंजी ऋण की सुविधा प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत, नियमित पुनर्भुगतान को 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ प्रोत्साहित किया जाता है और डिजिटल लेनदेन को प्रति वर्ष 1,200 रुपये तक के कैशबैक के साथ पुरस्कृत किया जाता है। यह योजना आधार-आधारित ई-केवाईसी का उपयोग करती है, एक एंड-टू-एंड आईटी प्लेटफॉर्म का उपयोग करती है और आवेदन की स्थिति के बार में अपडेट प्रदान करने के लिए एसएमएस-आधारित सूचनाएं देती है। भारत में एनबीएफसी/एमएफआई और डीपीए सहित सभी ऋणदाता संस्थानों ने देश की शहरी गरीबी में कमी लाने के उद्देश्य से इसमें अपनी भागीदारी की है।

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Rajeev Sharma

Chief Editor & CEO PhD, LLB

more then 30 yrs experience of Print and Electronic media. Hold the key positions in various popular media organizations as Bureau chief, Special Correspondent-investigative stories, News Editor.

Areas of Expertise: Reporting and Analysis on Contemporary, Political, Social, and Geopolitical Issues
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