दिल्लीवालों को सोचना है कि केजरीवाल सीएम नहीं होंगे तो मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बस में सफर, तीर्थयात्रा योजना का क्या होगा?- Sanjay Singh

दिल्लीवालों को सोचना है कि केजरीवाल सीएम नहीं होंगे तो मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बस में सफर, तीर्थयात्रा योजना का क्या होगा?- Sanjay Singh

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने सभी सरकारी सुविधाओं का त्याग करने का फैसला किया है। इसकी जानकारी देते हुए ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री आवास को छोडकर अब आम लोगों की तरह रहेंगे। उनकी सुरक्षा को खतरा है। पहले उन पर कई बार हमले हो चुके हैं। फिर भी उन्होंने सरकारी सुरक्षा छोड़ने का फैसला किया है। अब दिल्लीवालों को सोचना है कि केजरीवाल सीएम नहीं होंगे तो दिल्ली में मिल रही मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं की बस यात्रा, बुजुर्गों की तीर्थयात्रा योजना का क्या होगा? क्योंकि मोदी जी कहते हैं कि मुफ्त सुविधाएं बंद होनी चाहिए और भाजपा दिल्लीवालों को मुफ्तखोर कह कर बदनाम करती है। भाजपा दिल्लीवालों को मिल रही तमाम मुफ्त सुविधाएं बंद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल देश के इकलौते नेता हैं, जो अपनी ईमानदारी पर वोट मांग रहे हैं और हमें पूरा भरोसा कि वह जनता की अदालत से प्रचंड बहुमत से अपनी ईमानदारी का प्रमाण पत्र लेकर आएंगे।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संजय सिंह ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले से दिल्ली की जनता बहुत दुखी और गुस्से में हैं कि एक ईमानदार मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। केजरीवाल ने दिल्ली की जनता के लिए अनेकों काम किए। दिल्ली के लोग पूछ रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा देने की जरूरत क्या थी? केजरीवाल ने तो बड़ी ईमानदारी से दिल्ली के दो करोड़ लोगों की सेवा की। ऐसे में उनको इस्तीफा देने की कोई जरूरत ही नहीं थी।

संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली और देश के लोग देख रहे हैं कि पिछले दो साल से भाजपा लगातार अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के झूठे आरोप खड़े किए, जबकि एक रुपए का अभी तक सबूत नहीं मिला है। भाजपा वालों ने केजरीवाल को भ्रष्टाचारी कहा और उनकी ईमानदारी पर सवाल खड़े किए। कोई आम नेता या मोटी चमड़ी वाला नेता होता तो उसे भ्रष्टाचार के इन आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ता और वह अपनी कुर्सी से चिपका रहता। लेकिन यह अरविंद केजरीवाल हैं। केजरीवाल ने अपनी ईमानदारी और सच्चाई से यहां तक का सफर तय किया और ईमानदारी से दिल्लीवालों की सेवा की है।

संजय सिंह ने कहा कि जिस पीएमएलए के मामले में जमानत मिलना लगभग नामुमकिन है, उसमें अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दिया। कोई और नेता होता तो वह कहता कि सुप्रीम कोर्ट से मुझे जमानत मिल गई है, काफी है। सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया कि सीबीआई, ईडी ने राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर कार्रवाई की है। सीबीआई ने पिंजरें में बंद तोते की तरह काम किया है। कोई और नेता होता तो कहता कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारे हक में फैसला सुना दिया है, अब अपने पद पर बना रहूंगा। लेकिन अरविंद केजरीवाल ने तय किया कि हम जनता की अदालत में जाएंगे। पिछले 10 सालों में जिस जनता की हमने ईमानदारी से सेवा की है, हम उससे ईमानदारी का प्रमाण पत्र लेकर आएंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि दिल्ली की जनता प्रचंड बहुमत के साथ अरविंद केजरीवाल को ईमानदारी का प्रमाण पत्र देगी।

संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर किसी भी व्यक्ति बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं, अरविंद केजरीवाल को भी वह सारी सुविधाएं मिलीं। मंगलवार को इस्तीफा देने के बाद केजरीवाल ने तय किया कि मुख्यमंत्री को मिलने वाली सारी सुविधाएं वह छोड़ देंगे। बाकी नेताओं को भी हमने देखा है कि अगर वह किसी पद पर पहुंच गए और सुविधा मिल गई तो पद छोड़ने के बाद भी उन सुविधाओं को पाने के लिए सालों तक लड़ाई लड़ते हैं। सरकारी आवास से चिपके रहते हैं, लेकिन केजरीवाल ने अपना सरकारी आवास खाली करने का फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल 15 दिन के अंदर सरकारी आवास खाली कर देंगे।

संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर भी प्रश्न खड़ा हो रहा है। उनके उपर कई बार हमले हुए हैं। पार्टी के नेताओं ने केजरीवाल को समझाने की कोशिश की कि आप पर कई बार हमला हो चुका है, आपकी सुरक्षा पर खतरा है। मां-पिता की मौजूदगी में भाजपा वालों ने उनके घर पर हमला किया था। कई बार उन्हें शारीरिक नुकसान पहुंचाया गया और कई बार कालिख फेंकी गई, चोट पहुंचाई गई। उनके बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चे हैं, उनकी भी सुरक्षा को लेकर हम सब चिंतित हैं। हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि यह घर केवल मुख्यमंत्री के तौर पर ही नहीं, आपकी सुरक्षा के नजरिए से भी जरूरी है। लेकिन केजरीवाल ने तय किया कि उनकी रक्षा भगवान करेगा। केजरीवाल ने कहा कि मैं छह महीने खूंखार अपराधियों के बीच जेल में रहा, जहां ईश्वर ने मेरी रक्षा की और आगे भी करेंगे। केजरीवाल सरकारी आवास छोड़कर आम लोगों के बीच में रहेंगे। अभी तय नहीं है कि वह कहां रहेंगे, लेकिन जल्द ही कोई न कोई ठिकाना तय हो जाएगा।

संजय सिंह ने कहा कि यहां सवाल अरविंद केजरीवाल का नहीं, बल्कि दिल्ली की दो करोड़ जनता का है। अरविंद केजरीवाल के साल भाजपा जो कर रही है, वह पूरी दिल्ली देख रही है। केजरीवाल के साथ, उनके शिक्षा मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को जेल में डाल दिया और आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की। अरविंद केजरीवाल की राजनीति को खत्म करने की कोशिश की। लेकिन जनता के आशीर्वाद और अपने हौसले से अरविंद केजरीवाल ने भाजपा की गंदी राजनीति को जबाब देने का काम किया। अब समय दिल्ली के लोगों का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि देश को मुफ्त की सुविधाएं बिल्कुल नहीं मिलनी चाहिए। सारी मुफ्त की सुविधाए बंद हो जानी चाहिए। अब दिल्ली की जनता को सोचना है कि अरविंद केजरीवाल नहीं हांेगे तो दिल्ली के लोगों का क्या होगा?

संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल नहीं होंगे तो दिल्ली में मुफ्त शिक्षा मिलनी बंद हो जाएंगी। गुजरात में भाजपा की सरकार को 27 साल से ज्यादा हो गए। लेकिन वहां एक अच्छा सरकारी स्कूल आजतक नहीं बन पाया, जिसमें प्रधानमंत्री जाकर अपनी फोटो खिंचवा सकें और बता सकें कि यह उनका सरकारी स्कूल है। प्रधानमंत्री को चुनाव के दौरान दिखाने के लिए अहमदाबाद में एक टैंट का स्कूल बनवाना पड़ा। पूरे देश में भाजपा शासित राज्यों में भी आतक एक भी अच्छा स्कूल नहीं बना है।

भाजपा मोहल्ला क्लीनिक सुविधा बंद कर देगी। जहां पर दिल्ली के लोगों को दवा, टेस्ट समेत सारा इलाज फ्री होता है। भाजपा वाले दिल्लीवालों को मुफ्तखोर कह कर अपमानित करते हैं। भाजपाई दिल्लीवालों को गालियां देते हैं। यह तो अरविंद केजरीवाल हैं, जो इनसे लड़-लड़ कर सुविधाएं लेकर आते हैं। मोहल्ला क्लीनिक की फाइल को पास कराने के लिए नौ दिनों तक केजरीवाल एलजी के घर पर धरना दिए थे। अरविंद केजरीवाल नहीं होंगे तो ये मोहल्ला क्लीनिक बंद होंगे।

संजय सिंह ने कहा कि फ्री बिजली लोगों का सपना था। दिल्ली की झुग्गियों में लोगों के हजारों लाखों रुपए का बिल आता था। अरविंद केजरीवाल ने तय किया कि हर गरीब के घर में रोशनी होनी चाहिए, लेकिन उस रौशन की कोई कीमत नहीं होनी चाहिए। हिन्दुस्तान की आजादी के बाद केजरीवाल पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने घर-घर मुफ्त बिजली पहुंचाने का काम किया। केजरीवाल मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे तो भाजपा फ्री बिजली की सुविधा बंद कर देगी। फ्री पीने का साफ पानी, 24 घंटे फ्री बिजली देने के बाद भी केजरीवाल ने दिल्ली का मुनाफे का बजट दिया।

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के अंदर मजदूरी करने वाली हमारी माताएं-बहनें, कॉलेज जाने वाली बेटियों के लिए बस की यात्रा मुफ्त कर दी। जब बच्चियां स्कूल जाने को तैयार होती थीं, उसका पिता अपनी जेब की तरफ देखता था। जेब में पैसा है तभी बेटी कॉलेज जा पाएगी, वरना नहीं जा पाएगी। इस दर्द को अरविंद केजरीवाल ने समझा और सभी महिलाओं के लिए बस का सफर मुफ्त कर दिया। केजरीवाल के नहीं होने पर बस यात्रा भी बंद हो जाएगी।

संजय सिंह ने कहा कि दिल्लीवालों को तय करना है कि फ्री बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज, मोहल्ला क्लीनिक, महिलाओं के बस यात्रा और बुजुर्गों को श्रवण कुमार बन कर तीर्थयात्रा कराने का जो संकल्प अरविंद केजरीवाल ने पूरा किया है, भाजपा ये सारी सुविधाएं बंद कर देगी। क्योंकि भाजपा के सबसे बड़े नेता नरेंद्र मोदी देश भर में घूम-घूम कर कहते हैं कि मुफ्त की सुविधा समाप्त होनी चाहिए। यह तो अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने कमाल करके दिखाया। केजरीवाल ने बिजली, पानी, शिक्षा, इलाज, महिलाओं को बस यात्रा, बुजुर्गो को तीर्थयात्रा की मुफ्त सुविधाएं देने के बावजूद मुनाफे का बजट दिया। केजरीवाल ने अनेकों बार कहा है कि दिल्ली में अब तक जो सरकारें थीं, उन्होंने दिल्लीवालों को केवल धोखा देने का काम किया। खजाने में पैसे की कमी नहीं है, सरकारें में नीयत की कमी थी। अरविंद केजरीवाल ने साफ नीयत और ईमानदारी से दिल्ली के लोगों की सेवा की।

संजय सिंह ने कहा कि अब दिल्ली के लोगों को तय करना है, संकल्प लेना है और जवाब देना है। अरविंद केजरीवाल जनता की अदालत में जाएंगे और हमें पूरा भरोसा है कि जनता की अदालत से प्रचंड बहुमत से अपनी ईमानदारी का प्रमाण पत्र लेकर आएंगे। अरविंद केरीवाल हिन्दुस्तान के इतिहास में पहले नेता हैं, जो सीना ठोक कर कह रहे हैं कि ईमानदार हूं तो वोट देना, ईमानदार नहीं हूं तो वोट मत देना। अरविंद केजरीवाल अपनी ईमानदारी और सच्चाई पर वोट मांग रहे हैं। अपने काम के नाम पर वोट मांग रहे हैं। अब दिल्ली के दो करोड़ लोगों का वक्त है। इस समय दिल्ली के दो करोड़ लोगों पर जिम्मेदारी है कि वह भाजपा के साजिशों और कुच्रकों का जवाब अपने वोट की ताकत से देंगे।

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Rajeev Sharma

Chief Editor & CEO PhD, LLB

more then 30 yrs experience of Print and Electronic media. Hold the key positions in various popular media organizations as Bureau chief, Special Correspondent-investigative stories, News Editor.

Areas of Expertise: Reporting and Analysis on Contemporary, Political, Social, and Geopolitical Issues
Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts

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