AAP MP Sanjay Singh उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों (UP Assembly Elections) की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की मोदी और यूपी की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
AAP सांसद संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh), पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केके राय ने संयुक्त रूप से पेपर लीक, छात्रों की अवैध गिरफ्तारी और प्रयागराज में कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
NEET से लेकर UP-PCS तक: पेपर लीक पर उठाए सवाल
सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश के युवाओं का भविष्य लगातार अंधकार में धकेला जा रहा है। NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों छात्रों के सपनों पर कुठाराघात हुआ है। संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए लेखपाल और पुलिस भर्ती परीक्षा RO/ARO और PCS-J, हाईस्कूल-इंटर और JE (Junior Engineer) परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का जिक्र किया।
संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) ने आरोप लगाया कि यूपी में इतनी परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन सरकार दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय युवाओं की आवाज दबाने में लगी है।
केंद्र में @PmModi और यूपी में @myogiadityanath करा रहे पेपर लीक, @SanjayAzadSln ने प्रयागराज में लगाया गंभीर आरोप pic.twitter.com/TB2F8DmpyA
— news wala (@NewsWalaOrg) June 7, 2026
छात्र नेताओं की गिरफ्तारी और कोचिंग सील करने का विरोध
AAP सांसद (AAP MP Sanjay Singh) ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मुद्दे पर शांतिपूर्ण चर्चा के लिए आ रहे छात्र नेताओं—आशुतोष पांडे और पंकज पांडे को पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वर्षों की तैयारी के बाद इन छात्रों को TGT परीक्षा में बैठना था, लेकिन इस कार्रवाई से उनकी आगामी परीक्षाओं पर संकट खड़ा हो गया है।
इसके अलावा, प्रयागराज में गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को पढ़ाने वाले तीन प्रमुख कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने को उन्होंने नियमों के खिलाफ बताया। संजय सिंह ने जानकारी दी कि इस मामले में प्रयागराज के ADM सिटी के खिलाफ राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति को विशेषाधिकार हनन का नोटिस (Privilege Notice) दिया गया है।
कॉर्पोरेट के सामने सरेंडर सरकार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां केवल बड़ी कंपनियों और चुनिंदा उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।
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देश के नौजवान, किसान और मजदूर पूरी तरह उपेक्षित हैं।
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जंगल, जमीन, सड़क, हवाई अड्डे और सार्वजनिक संसाधनों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है।
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जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है।
हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस दायर
हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केके राय ने मामले के कानूनी पहलुओं को सामने रखा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दो ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए पुलिसिया कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। उन्होंने इसके दो उदाहरण भी दिए-
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अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य मामला: गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ।
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डी.के. बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामला: बिना वैधानिक प्रक्रिया और बिना किसी पूर्व मुकदमे के छात्रों को हिरासत में लिया गया।
केके राय ने बताया कि छात्रों की बिना शर्त रिहाई के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय (High Court) में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दाखिल की गई है, जिस पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है। उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई केवल जमानत की नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिए गए नागरिक अधिकारों की रक्षा की है।
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